हरदा में दलित नेता ने उतारे कपड़े, तब आए एसपी बाहर

हत्या के फरार आरोपी कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी को लेकर दलितों ने किया अर्धनग्न होकर प्रदर्शन

इंदौर/ हरदा। प्रदेश के हरदा में बहुचर्चित अनिल माणिक हत्याकांड में मृतक परिजनों के साथ अखिल भारतीय बलाई महासंघ के कार्यकर्ता और अन्य अनूसूचित जाति जनजाति संगठन के लोगों ने हत्या में फरार आरोपी कांग्रेस नेता धर्मेंद्र पटेल की गिरफ्तारी और अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। बलाई महासंघ के आव्हान पर सभी दलित संगठन हरदा के तेजाजी चौक पर इकट्ठा हुए और सभा की। फिर रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।
8 दिसंबर को दलित युवक अनिल माणिक की क्रिकेट के बैट से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसे हादसे की शक्ल देने के लिए आरोपियों ने शव को किराए के ऑटो से सड़क पर फेंक दिया था और शव को डंपर से भी कुचलवाया था। हत्या का आरोप हरदा जनपद अध्यक्ष रेवा पटेल के पति धर्मेन्द्र पटेल और उसके मैनेजर संदीप गुर्जर पर है। इस मामले में पुलिस ने मैनेजर संदीप गुर्जर और ऑटो ड्राइवर जाहीद खान को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी कांग्रेस नेता धर्मेंद्र पटेल अब भी फरार है। जिसकी गिरफ्तारी को लेकर शुक्रवार दोपहर 12 बजे से धरना शुरू हुआ। 4 घंटे बैठने के पश्चात भी जब एसपी नहीं आए तो दलित नेता मनोज परमार ने साथी कार्यकर्ताओं के साथ अपने कपड़े उतार कर एसपी कार्यालय के गेट पर टांग दिए।
अर्धनग्न प्रदर्शन करते हुए हरदा एसपी हाय हाय हरदा कलेक्टर हाय- हाय के नारे लगाए। तब एसपी मनीष अग्रवाल और कलेक्टर का प्रभार देख रहे जिला पंचायत सीईओ रोहित सिसोनिया बाहर निकल कर आए और आन्दोलन कारियों को समझाइश देते हुए शान्त करने की कोशिश की, परन्तु दलित नेता अपनी मांग पर अड़े रहे।
एसपी ने तत्काल आरोपी धर्मेंद्र पटेल पर दस हजार रुपए का इनाम घोषित किया। उसे पकड़ने के लिए 5 टीम गठित की। कलेक्टर ने आरोपी के बंगले की नपती के आदेश दिए। मृतक आश्रित परिजन को आठ लाख पच्चीस हजार रुपए की मुआवजा राशि स्वीकृत की।

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