April 16, 2024

जानलेवा चाइना डोर बेचने वालों पर तो कुछ कार्रवाई, लेकिन उड़ाने वाले बेखौफ

उज्जैन। जिला प्रशासन द्वारा पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चाइना डोर बेचने और खरीदने को प्रतिबंधित कर देने के बावजूद हालात सुधर नहीं रहे हैं। गुपचुप ढंग से चाइना डोर बिक भी रही है और पतंग उड़ाने वाले खरीद भी रहे हैं। इस जानलेवा चाइना डोर का इस्तेमाल पतंगबाज बेखौफ कर रहे हैं, लेकिन पुलिस उनको पकड़ नहीं पा रही है। यानी पुलिस इस व्यवस्था में नाकाम साबित हो रही है।
कहने को तो चाइना डोर बेचने वाले पर कार्रवाई भी हो गई। उसका मकान भी तोड़ दिया, इसके बावजूद भी बेचने और खरीदने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। यदि पतंग उड़ाने वाले चाइना डोर खरीदेंगे ही नहीं तो बिकेगी कैसे..? चाइना डोर से पतंग उड़ाने वाले कानून को धता बताते नजर आ रहे हैं। तू डाल -डाल तो मैं पात- पात जैसी स्थिति कर कानून को मानो जेब में रख लिया गया है। उज्जैन पुलिस चाइना डोर बेचने वालों पर तो कार्रवाई कर रही है, लेकिन पतंग उड़ाने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस की इस बारे में सख्ती नहीं होने से लोग चोरी छुपे चाइना डोर खरीद रहे हैं और उससे बेखौफ होकर पतंग उड़ा रहे हैं।
मकर सक्रांति यानी पतंग का त्यौहार जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है, पतंग उड़ाते हुए लोग नजर आने लगे हैं। यह भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि वह चाइना डोर से पतंग उड़ा रहे हैं। अभी के माहौल को ही देखकर समझा जा सकता है कि घर-घर पतंग और चाइना डोर बिकेगी और पुलिस उसे रोक नहीं पाएगी।

लोगों की जान पर बन आई, फिर भी नहीं सुधरे पतंगबाज

पतंगबाज अपना शौक पूरा करने के लिए लोगों की जान से खेल रहे हैं। उज्जैन , इंदौर सहित देशभर में चाइना डोर से कितने ही लोगों की जान पर बन आई है। किसी के होंठ कटे, किसी का गला, किसी का हाथ तो किसी की जान तक चली गई। लेकिन, इन सब के बावजूद न तो कानून सख्त हो पा रहा है और न ही पुलिस उसका पालन करवा पा रही है। चाइना डोर प्रतिबंधित होना महज कागजी और दिखावटी कार्रवाई नजर आ रही है।

खुद ही संभलें, बच्चों को छतों पर न जाने दें

चाइना डोर प्रतिबंधित होने के बावजूद पुलिस की ढील पोल होने और कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने से यह नजर आ रहा है कि पतंगबाज अपनी हरकतों से बाज नहीं आएंगे। वे चाइना डोर से ही पतंग उड़ाएंगे। उनका शौक लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए अब लोगों को ही समझना होगा कि वह अपने बच्चों को छतों पर न जाने दें। राह चलते लोग भी इस बात का ध्यान रखें कि कहीं से कोई पतंग उड़ती हुई या कटती हुई उनके अच्छे भले हंसते खेलते जीवन को संकट में न डाल दे।