April 16, 2024

मुरैना। जिले में एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसे देखकर सभी की रूह कांप उठी। जिला अस्पताल के पास आठ साल का मासूम अपनी गोद में दो साल के भाई का शव लिए सड़क किनारे बैठा था। मृतक का गरीब पिता अपने बच्चे के शव को घर ले जाने के लिए कम किराये वाले वाहन की तलाश में फिरता रहा।
बताया जा रहा है कि अंबाह के बड़फरा गांव निवासी पूजाराम जाटव अपने दो साल के बेटे राजा राजा ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। राजा की मौत के बाद उसके गरीब पिता पूजाराम ने अस्पताल के डाक्टर व स्टाफ से शव को गांव ले जाने के लिए वाहन की बात की तो यह कहकर मना कर दिया कि शव ले जाने के लिए अस्पताल में कोई वाहन नहीं है। बाहर भाड़े से गाड़ी कर लो। अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस के किसी संचालक ने एक तो किसी ने डेढ़ हजार रुपये मांगे। पूजाराम के पास इतनी रकम नहीं थी, इसलिए वह अपने बेटे राजा के शव को लेकर अस्पताल के बाहर आ गया। साथ में आठ साल का बेटा गुलशन भी था। अस्पताल के बाहर भी कोई वाहन नहीं मिला। इसके बाद गुलशन को नेहरू पार्क के सामने, सड़क किनारे बने नाले के पास बैठाकर पूजाराम सस्ता वाहन तलाशने चला गया। मुरैना के सीएमएचओ डॉ. राकेश शर्मा ने कहा कि पुलिस टीम अस्पताल में आई, तब एंबुलेंस से शव को गांव भिजवाया गया।

एक घंटे तक शव लेकर बैठा रहा गुलशन

एक घंटे तक आठ साल का गुलशन अपने दो साल के भाई के शव को गोद में लेकर बैठा रहा। इस दौरान उसकी नजरें टकटकी लगाए सड़क पर पिता के लौटने का इंतजार करती रहीं। कभी गुलशन रोने लगता तो कभी अपने भाई के शव को दुलारने लगता। सड़क पर राहगीरों की भीड़ लग गई, जिसने भी यह दृश्य देखा उसकी रूह कांप उठी।