April 20, 2024

तीन साल में आठ बार एसटीएसएफ गिरफ्तार करने पहुंची, दो बार निकल चुका था वारंट

इंदौर। तेंदुए की खाल और अंगों की तस्करी से जुड़े एक मामले में शुक्रवार को स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने तस्कर को गिरफ्तार किया। तीन साल से फरार इस तस्कर को पकड़ने के लिए टीम आठ बार उसके गांव पहुंची थी, लेकिन ग्रामीण टीम का घेर लेते थे। इस बीच तस्कर जंगल में जाकर छिप जाता था। मगर शुक्रवार को बारुखों से चार किमी दूर उकाला में चल रहे चुनाव में मतदान करने पहुंचा। जैसे ही मतदान केंद्र से बाहर आया तो एसटीएसएफ की टीम ने पकड़ा लिया। वैसे तस्कर के खिलाफ इन तीन साल में न्यायालय ने दो बार वारंट भी निकाला है।
दरअसल, 17 अगस्त 2019 को तेंदुए की खाल व अंगों की तस्करी में पीथमपुर से पकड़ाए तस्करों में चंद्रा और हरसिंग को एसटीएसएफ ने पकड़ा। पूछताछ में चंद्रा ने खाल व अंगों को अपने पिता मांगीलाल से मिलना बताई थी। दो महीने बाद धार से मांगीलाल को पकड़ा। उसके बयानों के आधार पर नाती पप्पू को भी आरोपी बनाया गया। सूत्रों के मुताबिक खाल बेचने और ग्राहक से संपर्क करने का काम गिरोह के अन्य सदस्य करते हैं। दो और लोगों को एसटीएसएफ ने पकड़ा। मगर इनसे पूछताछ में कुछ अधिक पता नहीं चला। फिर मांगीलाल से दोबारा पूछताछ की गई, जिसमें रमेश निवासी ग्राम बारुखों तहसील गंधवानी जिला धार का नाम सामने आया। वन्यप्राणियों का शिकार भी रमेश करता था।
टीम ने जगह-जगह दबीश दी। दिसंबर 2019 में टीम ने रमेश को फरार घोषित कर इनाम रख दिया। इस बीच एसटीएसएफ ने बारूखों गांव में सात से आठ बार दबीश दी, लेकिन ग्रामीणों ने एसटीएसएफ टीम को घेर लिया। मौके का फायदा उठाते हुए रमेश जंगल में भाग गया। बीते तीन साल से रमेश जंगल और गांव में रहता था। तीन दिन पहले मुखबिर से सूचना मिली कि रमेश मतदान करने के लिए उकाला गांव आएगा। भोपाल और इंदौर एसटीएफएस ने टीम बनाई और शुक्रवार को उकाला गांव में मतदान केंद्र के बाहर साधी वर्दी में खड़े हो गए। जैसे ही रमेश मतदान कर बाहर आया तो टीम ने पकड़ लिया।