उज्जैन। पांच दिन में गुम हुए 3 मोबाइल बड़नगर पुलिस ने कुछ दिनों में ही खोज निकाले। पुलिस को पड़ताल के लिये 30 किलोमीटर का सफर भी तय करना पड़ा। धारकों को मोबाइल लौटाये गये तो उनके चेहरों पर मुस्कान दिखाई दी और पुलिस के प्रति भरोसा भी दृढ हुआ।
बड़नगर थाना प्रभारी अशोक कुमार पाटीदार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा द्वारा जिले में गुम मोबाइल खोज निकालने का अभियान चलाया जा रहा है। उनके थाना क्षेत्र में 2 फरवरी को ग्राम उबराडिया में रहने वाले कन्हैयालाल पिता रामलाल ने अपना मोबाइल 10 वर्षीय पुत्री रितिका के हाथ से गुम होने की शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं 3 फरवरी को ओमप्रकाश पिता सेवाराम निवासी ग्राम चिरोला ने आवेदन देकर बताया कि मकान निर्माण का कार्य करने ग्राम बंगरेड़ जा रहा था रास्ते में मोबाइल गिर गया। जो खोजने पर नहीं मिला। 7 फरवरी को ग्राम चिचोडिया इंगोरिया की रहने वाली रामूबाई गुर्जर ने थाने आकर बताया कि वह इलाज कराने शासकीय अस्पताल बड़नगर आई थी। उसका मोबाइल डिस्चार्ज होने पर मार्केट में एक दुकान पर चार्जिंग के लिये लगाया था और उपचार करने चली गई थी। वापस आने पर दुकान भूल गई, जिसके चलते मोबाइल नहीं मिल रहा है। पांच दिन में 3 मोबाइल गुम होने पर तकनीकी साक्ष्यों के माध्यम से ट्रेस करना शुरू किया गया। एक-दो दिन मोबाइल स्वीच आॅफ होना सामने आये, लेकिन जैसे ही लोकेशन मिलना शुरू हुई पुलिस टीम में शामिल प्रधान आरक्षक रामनारायण चौहान, हेमराज खरे, आरक्षक सूर्यकुमार सिंह, मनोहर मोहरी और कैलाश गरवाल ने उनकी बरामदगी के प्रयास शुरू किये और 30 किलोमीटर के दायरे से तीनों मोबाइल जप्त कर लिये। गुम मोबाइल तीनों लोगों द्वारा चलाये जा रहे थे। तीनों ने पूछताछ में मोबाइल मिलना स्वीकार किया और गलती मानी की उन्होने पुलिस को जमा नही कराये। थाना प्रभारी के अनुसार तीनों मोबाइल मिलने पर गुरूवार को संबंधित धारको को थाने बुलाया गया और सुरक्षित वापस लौटाये गये। गुम मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ चुके धारकों को मोबाइल मिले तो उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई। मोबाइल 50 हजार कीमत से अधिक के थे।
पुलिस ने मोबाइल दिये तो चेहरे पर आई मुस्कान -5 दिन में बड़नगर पुलिस ने खोज निकाले