लखनऊ। यूपी में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर में सपा की तरफ से बड़ी धांधली का आरोप लगाया जा रहा है। अखिलेश यादव खुले तौर पर कह रहे हैं कि आयोग और भाजपा दोनों मिले हुए हैं। सुनियोजित और संगठित तरीके से लोगों के नाम काटने की तैयारी है। इन पर चुनाव आयोग की नियमावली में दिए गए प्रावधानों के तहत एफआईआर होनी चाहिए। अखिलेश पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरह आक्रामक हैं। सपा के आरोपों की जमीनी हकीकत क्या है? इसे लेकर एक्सपर्ट का क्या कहना है? आयोग अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर क्या कह रहा है और भाजपा का क्या पक्ष है?
यूपी में एसआईआर पर आर-पार के मूड में अखिलेश यादव