देश विदेश तक इंदौर के गणेश जी की धूम: सिंधिया- योगी के यहां विराज रहे इंदौर के दगड़ू सेठ गणपति

ब्रह्मास्त्र इंदौर। इस शहर का यह सौभाग्य ही है कि इंदौर में निर्मित दो तरह की गणेश मूर्तियां देश विदेश तक जाती हैं। 76 जड़ी बूटियों, पांच नदियों का पानी और 5 तरह की मिट्टी से निर्मित दगड़ू सेठ गणपति इस बार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के घर पर विराज रहे हैं। विघ्न विनाशक की यह मूर्तियां उज्जैन के कलाकारों ने तैयार की है। उज्जैन के कलाकारों को शास्त्रोक्त श्रीमंत दगडू सेठ गणेश जी की मूर्ति बनाने में महारत हासिल है। यह मूर्तियां पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह अमित शाह को भी भेंट की जा चुकी है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में पुणे के श्रीमंत दगडू सेठ गणपति जी का मंदिर विश्व विख्यात है। दगडू सेठ गणपति जी की ये मूर्तियां भारत के 30 शहरों के अलावा दुबई, शारजाह और अमेरिका भी जाती हैं। श्रीमंत दगडू सेठ गणपतिजी की मूर्ति तैयार करने वाली संस्था की ज्योति खंडेलवाल के अनुसार उन्होंने इसकी शुरुआत 2015 में की थी। इसे उज्जैन के मालीखेडा गाँव के मूर्तिकार तैयार करते हैं। इसमें सांप की बाम्बी वाली मिट्टी मिलाई जाती है। जो बहुत मुश्किल से मिलती है।

इंदौर में बनी गाय के गोबर से बनी “गणेश” प्रतिमाओं की विदेश में भी मांग

इंदौर के केशरबाग रोड स्थित देवी अहिल्यामाता गो शाला देश की पहली ऐसी एक मात्र गो शाला है,जहां गाय के गोबर का उपयोग भगवान गणेश की मूर्तियों को बनाने में किया जाता है l यहाँ करीब ४० से ज्यादा कारीगर गायों के गोबर से गणपति जी की मूर्तियाँ बनाते हैं। ये मूर्तियां विदेश में भी बिकती हैl गो शाला की सरस्वती पेंढारकर के अनुसार ये मूर्तिया वजन में हल्की होने के साथ , 80 फीसदी गोबर से बनी है l यहाँ करीब 40 हजार मूर्तियां बनी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *