ब्लैक फंगस के तेजी से बढ़ रहे मरीज… उज्जैन में एक दर्जन मामले तो सामने आ चुके

उज्जैन। लोग रेमडीसिविर इंजेक्शन के पीछे खूब भाग रहे थे। कोरोना के लिए उसे रामबाण माना गया। इसी अंधाधुंध दौर में कई डॉक्टरों ने ओवरडोज देते हुए एक के बाद एक इंजेक्शन भी ठोक दिए। अब यही रामबाण रेमडीसिविर और टोसी इंजेक्शन पिछले दरवाजे से मौत बन कर सामने आ गए हैं। यह खतरा है ब्लैक फंगस के रूप में। उज्जैन, इंदौर सहित प्रदेश भर में ब्लैक  फंगस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। उज्जैन में एक दर्जन से ऊपर ब्लैक फंगस मरीजों का आंकड़ा हो गया है। इंदौर में सौ से ऊपर। रेमडीसिविर और टोसी इंजेक्शन के साइड इफेक्ट ने सरकार की चिंता कई गुना अधिक बढ़ा दी है। अंधाधुंध लगाए गए रेमडेसिविर, टोसी इंजेक्शनों से लेकर स्टेरॉइड सहित अन्य दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण भी कई मरीज खतरे में है और अब ब्लैक फंगस  की शिकायत अलग आने लगी। उज्जैन में भी खतरनाक ब्लैक फंगस ने  दस्तक दे दी है। यहां भी तेजी से ब्लैक फंगस के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। अभी तक ब्लैक फंगस के 12 मामले सामने आ चुके हैं। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के 2 मरीज और भर्ती हुए हैं। पहले 10 मरीज भर्ती थे , जिनमें से 5 मरीजों का ऑपरेशन कर फंगस निकाला जा चुका है। बताया जा रहा है कि दस से अधिक डॉक्टरों की टीम ब्लैक फंगस मरीजों को देख रही है। कल शुक्रवार को भर्ती हुए दो और मरीज कोरोना पॉजिटिव हैं। उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है। उनका ऑक्सीजन लेवल तथा शुगर कंट्रोल होने के बाद ब्लैक फंगस का ऑपरेशन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि 2 मरीजों की आंखों की रोशनी अस्पताल आने से पहले ही कम हो चुकी थी। कोशिश की जाएगी कि ऑपरेशन से आंखों का विजन बढ़ाया जा सके।

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