RTPCR टेस्ट में पकड़ नहीं आ रहा कोरोना का नया म्यूटेंट

नई दिल्ली।जिस तेजी से देश में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, उसी तेजी से वायरस भी खुद को बदल रहा है। वायरस के डबल और ट्रिपल म्यूटेंट RT-PCR जांच में भी पकड़ नहीं आ रहे हैं। दिल्ली के हेल्वेटिया मेडिकल सेंटर के डॉ. सौर्यदीप्त चंद्रा ने बताया कि कोरोना के दूसरे और तीसरे म्यूटेंट की संरचना में इतने बदलाव आ गए हैं कि RT-PCR टेस्ट नए वायरस को पहचान पाने में सक्षम नहीं है।नए वायरस से संक्रमित मरीज के अंदर लक्षण भी बदल गए हैं। अब कोरोना मरीजों में त्वचा में निशान पड़ना, आंखों में संक्रमण होना, भ्रम की स्थिति पैदा होना, सोचने-समझने की शक्ति कम होना, हाथ और पैरों की उंगलियों का नीला पड़ना, नाक और मुंह से खून निकलना जैसे लक्षण भी देखे जा रहे हैं। साथ ही लंबे समय से स्वाद और सूंघने की शक्ति कम होना, दस्त, पेट दर्द, गले में खराश, शरीर में दर्द और बुखार जैसे लक्षण तो देखें ही जा रहे हैं।वैज्ञानिकों के मुताबिक, देश में अब कोरोना का ट्रिपल म्यूटेंट वैरिएंट फैल रहा है। कोरोना के तीन अलग-अलग स्ट्रेन से ये नया वैरिएंट बना है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली, बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में लोग इसी वैरिएंट का शिकार हो रहे हैं।इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ICMR ने कोवैक्सिन को कोरोना के डबल म्यूटेंट पर भी असरदार माना है। अपनी स्टडी के आधार पर ICMR ने कहा कि ब्राजील वैरिएंट, UK वैरिएंट और दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट पर भी ये वैक्सीन असरदार है और उनके खिलाफ भी यह प्रोटेक्शन देती है।कोरोना वैक्सीन बनाने वाली हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने कोवैक्सिन के तीसरे फेज की अंतरिम क्लिनिकल ट्रायल रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट में भारत में निर्मित कोवैक्सिन को क्लिनिकली 78% और कोरोना से गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों पर 100% तक प्रभावी बताया गया है। कंपनी ने अपने दूसरे विश्लेषण में कोरोना के 87 लक्षणों पर रिसर्च किया था।

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