सचिन वझे को 10 दिन के लिए NIA की कस्टडी में भेजा गया

मुंबई

पुलिस अफसर सचिन वझे को स्पेशल कोर्ट ने 10 दिन के लिए NIA की कस्टडी में भेज दिया है। उन्हें एंटीलिया के पास विस्फोटक से भरी कार रखने के मामले में शनिवार रात को गिरफ्तार किया गया था। वझे ने शुक्रवार को ठाणे की सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। इस पर कोर्ट ने कहा था कि शुरुआती तौर पर सबूत आपके खिलाफ हैं, लिहाजा अन्य पक्षों को भी सुनना जरूरी है। कोर्ट ने उनकी इस याचिका पर सुनवाई 19 मार्च तक के लिए टाल दी थी।

NIA की टीम ने उस इनोवा कार को भी बरामद कर लिया है, जो एंटीलिया के बाहर खड़ी स्कॉर्पियों के पीछे दो बार नजर आई थी। यह इनोवा शनिवार रात बरामद किया गया था। न्यूज एजेंसी ने जांच एजेंसी के सूत्रों के हवाले से बताया है कि यह कार क्राइम ब्रांच की है और वझे इस क्राइम ब्रांच में रहते हुए इसका इस्तेमाल करते थे। यह भी कहा जा रहा है कि NIA ने क्राइम ब्रांच के दो अफसर और दो ड्राइवर को भी तलब किया है।

वझे का एक और वीडियो वायरल
वझे का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वे एक स्कॉर्पियो कार के पास दिखाई दे रहे हैं। यह कार हूबहू वैसी ही है, जैसी एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों के साथ पार्क की गई थी। महाराष्ट्र ATS अब इस वायरल वीडियो की जांच कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, वीडियो पिछले साल 5 नवंबर का है, जब पुलिस टीम के साथ वझे जर्नलिस्ट अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार कर ले जा रहे थे। इस दौरान रिपब्लिक टीवी की टीम ने उन्हें चेज किया था, तब वझे ने टीम को रोका था। उस वक्त उनके पास वही संदिग्ध कार खड़ी दिखाई दे रही है।

राउत बोले- यह मुंबई पुलिस को बदनाम करने की कोशिश
इस बीच शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि मुंबई पुलिस को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। यह मुंबई पुलिस के अधिकारों में अतिक्रमण है। राज्य के अधिकार पर केंद्र अपना आधिपत्य बनाने का प्रयास कर रहा है। इस पूरे केस में किसी भी केंद्रीय एजेंसी की जांच की जरूरत नहीं थी। सचिन को गिरफ्तार करने में NIA ने बहुत जल्दबाजी दिखाई है।

कार मालिक की मौत के मामले में भी आरोप लगे
उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर ‘एंटीलिया’ के बाहर से बरामद हुई स्कॉर्पियो कार के मालिक मनसुख हिरेन की मौत के मामले में भी वझे पर आरोप लगे हैं। इस मामले की जांच एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) कर रही है। इस पूरे प्रकरण एक केस मनसुख की स्कॉर्पियो चोरी का भी, जिसकी जांच महाराष्ट्र पुलिस कर रही है।

सचिन वझे पर तमाम आरोप लगने के बाद महाराष्ट्र के गृह विभाग के आदेश पर उन्हें क्राइम ब्रांच से हटा दिया गया। उन्हें नागरिक सुविधा केंद्र में भेजा गया है। यह आदेश शुक्रवार 12 मार्च देर शाम जारी किया गया। 10 मार्च को महाराष्ट्र विधानसभा में इस केस पर विपक्ष ने हंगामा किया था। इस पर गृह मंत्री अनिल देशमुख ने वझे का ट्रांसफर करने की बात की थी।

वझे पर क्या आरोप है?
वझे का नाम 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर ‘एंटीलिया’ के बाहर से बरामद स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की मौत से जोड़ा जा रहा है। मनसुख की मौत के मामले में महाराष्ट्र ATS ने हत्या और आपराधिक साजिश रचने का केस दर्ज किया है। मनसुख की पत्नी विमला हिरेन ने वझे पर पति की हत्या में शामिल होने का आरोप भी लगाया है। यह आरोप विमला हिरेन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र के जरिए लगाए थे।

पत्नी ने कहा था- वझे इस्तेमाल कर रहे थे स्कॉर्पियो
स्कार्पियो मिलने के करीब एक सप्ताह बाद मनसुख हिरेन का शव उनके घर से सात किलोमीटर दूर ठाणे की समुद्री खाड़ी में पाया गया। इसके बाद उनकी पत्नी ने खुलासा किया कि उक्त स्कार्पियो कार पिछले चार महीने से API सचिन वझे ही इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने ATS को दर्ज कराए अपने बयान में भी सचिन वझे पर ही हत्या का शक जाहिर किया है।

स्कॉर्पियो चोरी के नहीं मिले सबूत
मुकेश अंबानी के घर के बाहर से बरामद विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी सामने आ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक कार के चेचिस और इंजन नंबर को ग्राइंडर से मिटाने की कोशिश की गई थी। कार का गेट खोलने के लिए या चोरी करने के लिए किसी छेड़छाड़, तोड़फोड़ या फोर्स एंट्री के कोई सबूत नहीं मिले हैं। यानी की कार चोरी करने वाले व्यक्ति को बेहद आसानी से कार चोरी करने में सफलता मिली।

NIA और ATS की जांच जारी है
हिरेन ने कहा था कि उन्होंने वाहन को सड़क पर छोड़ दिया था, क्योंकि उसकी स्टीयरिंग 17 फरवरी की रात को जाम हो गई थी। सूत्रों ने बताया कि इस बीच, शुक्रवार को NIA की एक टीम मामले से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए ठाणे के पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करने पहुंची थी। हिरेन की मौत की जांच कर रही महाराष्ट्र ATS ने भी ठाणे में कुछ व्यक्तियों के बयान दर्ज किए हैं।

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