हत्या का प्रयास करने वाले को 5 साल की सजा,पुलिस ने 45 मिनट में खोज निकला होटल का पता

उज्जैन। महाकाल दर्शन करने बिहार के गया से आया परिवार शुक्रवार को होटल का पता भूल गया। 3 घंटे तक तलाश के बाद परिवार पुलिस के पास पहुंचा। करीब 45 मिनट में पुलिस ने होटल का पता खोज निकाला।
महाकाल लोक बनने के बाद पूरे शहर में हजारों की संख्या में होटलों का संचालन गली-मोहल्लों में किया जा रहा है। महाकाल क्षेत्र में एक हजार से अधिक होटल संचालित हो रही है। देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को आटो-रिक्शा चालक होटलों तक छोड़ आते है। लेकिन श्रद्धालु दर्शन यात्रा के दौरान होटलों का पता और गलियां भूल जाते है। जिसके चलते उन्हे परेशान होना पड़ता है। ऐसा ही मामला शुक्रवार को गया बिहार से आये परिवार के साथ हुआ। वह दर्शन करने के बाद वापस होटल लौटने के लिये निकले, लेकिन रास्ता भूल गये, करीब 3 घंटे तक परेशान होने के बाद महाकाल थाना पुलिस से मदद मांगी। थाना प्रभारी गगन बादल ने हमेशा की तरह एएसआई चंद्रभानसिंह चौहान को होटल का पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी। एएसआई चौहान ने प्रधान आरक्षक मनीष यादव और सुनील पाटीदार के श्रद्धालुओं को होटल तक पहुंचाने के प्रयास शुरू किये। करीब 45 मिनट में लोहे का पुल क्षेत्र स्थित होटल को खोज निकाला। जहां श्रद्धालु परिवार का सामान रखा हुआ था। होटल का पता मिलने पर परिवार ने पुलिस का आभार माना। महाकाल थाना पुलिस देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को होटल तक पहुंचाने के साथ परिवार से बिछड़ों को मिलवाने और गतंव्य तक भेजने में भूमिका निभा रही है।
। चाकू मारकर हत्या का प्रयास करने वाले आरोपी को 19 माह बाद न्यायालय ने पांच साल की सजा के साथ अर्थदंड से दंडित किया है। सजा का फैसला आते ही पुलिस ने आरोपी को कस्टडी में लिया और केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ की सलाखों के पीछे पहुंचाया।
माधवनगर थाना प्रभारी राकेश भारती ने बताया कि 12 जून 2024 को जीरो पाइंट ब्रिज के पास जयसिंहपुरा में रहने वाले मुकेश पिता मनोहर राव पर चाकू से जानलेवा हमला आरोपी धर्मेन्द्र पिता किशनलाल निवासी मोहनपुरा बड़नगर रोड द्वारा किया गया था। मामले में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपी को 2 दिन बाद गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। जहां से न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अप्रैल 2025 में आरोपी को जमानत मिल गई थी। लेकिन सुनवाई जारी थी। 19 माह बाद शुक्रवार को जिला एवं सत्र प्रधान न्यायधीश सीसी गुप्ता ने सुनवाई पूरी होने पर फैसला सुनाते हुए आरोपी को हत्या के प्रयास में 5 साल की सजा और 5 हजार के अर्थदंड के साथ अवैध हथियार रखने के मामले में 1 साल की सजा के साथ 1 हजार रूपये अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण में विवेचना तत्कालीन एसआई पवन वास्कले द्वारा की गई थी।

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