उज्जैन।भारत में साइबर सुरक्षा पर गम्भीर विचार विमर्श की जरूरत है । भारत में प्रतिदिन नागरिक साइबर अपराध का शिकार हो रहे हैं । इस का मुख्य कारण यह है कि लोग साइबर अपराध के प्रति जागरूक नहीं हैं । इसको रोकने के लिए
हमें साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी होना चाहिए । साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सुरक्षित मोबाइल चलाना सीखना चाहिए, ताकि आप लोग धोखाधड़ी का शिकार नहीं हों ।
ये उद्गार प्रधान मंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस माधव महाविद्यालय में साइबर सुरक्षा पर आयोजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता जीवाजी गंज पुलिस थाना प्रभारी विवेक कनोडिया ने व्यक्त किए । शुभारंभ कार्यक्रम में उन्होंने विधार्थियों से कहा कि आप लोग बुद्धिमानी से साइबर फ्रॉड से बच सकते हैं । अपनी सुरक्षा आप को ही करना है। यद्यपि पुलिस आप की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है । साइबर अपराध की तत्काल रिपोर्ट करें । एआई के प्रति जागरूक: सुरक्षित, स्मार्ट और नियंत्रण ” विषय पर आयोजित कार्यशाला में स्टेट साइबर सेल की निरीक्षक सुश्री पूजा मुवेल ने कहा कि भारत में साइबर अपराध हमारी लापरवाही से हो रहे हैं । यदि आप आसान पासवर्ड रखते हैं तो कोई भी अपराधी आप का फ़ोन हैक कर सकता है । इसलिए अपना पासवर्ड बदलते रहें । उन्होंने यह भी बताया कि साइबर अपराधी किस तरह से लोगों को जाल में फंसाते हैं । आप चैट जीपीटी से प्रश्न पूछते हैं और अपने व्यवहार को उजागर कर देते हैं। इसका फायदा सायबर अपराधियो को मिलता है।
प्राचार्य प्रो कल्पना वीरेंद्र सिंह ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि साइबर फ्रॉड केवल आर्थिक ही नहीं, चरित्र हत्या से संबंधित भी हो सकता है । उन्होंने कहा कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ साइबर सुरक्षा एक ज्वलंत मुद्दा बन गया है । इससे बचने के लिए सभी छात्रों को साइबर कानून का अध्ययन करना चाहिए। मोबाइल की भी आचार संहिता होती है उसका पालन करें । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे । आरंभ में सरस्वती वंदना डॉ नलिनी तिलकर ने प्रस्तुत किया।संचालन डॉ जफ़र महमूद ने किया । आभार कार्यशाला संयोजक प्रो म्यूरियल सिंह ने व्यक्त किया ।