सरकारी विभागों में  बदलेगा भर्तियों का पैटर्न, युवाओं को महज 6 से 8 महीने में सरकारी नौकरियां मिल सकेगी

उज्जैन। उज्जैन जिले के युवाओं को अब महज 6 से आठ माह के दौरान ही सरकारी नौकरियां मिल सकेगी  क्योंकि  सरकारी विभागों में भर्तियों का पैटर्न बदलेगा। अब ईसीबी (कर्मचारी चयन मंडल) केवल पात्रता परीक्षा लेगा। विभाग सीधे स्कोरकार्ड से चयन करेंगे। नई व्यवस्था का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुतीकरण के बाद सामान्य प्रशासन विभाग से सैद्धांतिक सहमति मिली है। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। नई प्रणाली के लागू होने से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। वर्तमान में भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में लगभग एक से डेढ़ साल का लंबा समय लगता है। नई व्यवस्था के माध्यम से यह पूरी प्रक्रिया मात्र दो से ढाई महीने में पूरी की जा सकेगी। अभ्यर्थियों को भी अलग-अलग पदों के लिए बार-बार परीक्षा देने की मशक्कत से राहत मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, सरकारी भर्तियों के बदले इस पैटर्न से अब प्रदेश में युवाओं को महज 6 से 8 महीने में सरकारी नौकरियां मिल सकेंगी। सरकार इसके लिए जल्द ही नई व्यवस्था करने जा रही है। ये नौकरियां ईएसबी के स्कोर कार्ड के आधार पर मिलेंगी। ईएसबी इसके लिए एक मुख्य परीक्षा कराएगा। उक्त परीक्षा के बाद जारी स्कोर कार्ड दो से तीन साल के लिए वैध होगा। इसी के आधार पर संबंधित विभाग अपनी जरूरत और खाली पदों के आधार पर कम से कम समय में भर्तियां कर सकेंगे। ये स्कोर कार्ड तृतीय श्रेणी तक की भर्तियों के लिए वैध होंगे। इससे ऊपर के पदों को अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं के तहत पहले की प्रक्रिया के समान ही भरा जाएगा।

ईएसबी की नई व्यवस्था के अनुसार, अब एक मुख्य परीक्षा होगी, जिसमें तृतीय श्रेणी तक के करीब 90 प्रतिशत पदों को कवर किया जाएगा। इस श्रेणी में तकनीकी व वित्त से जुड़े पदों के लिए अलग-अलग प्रश्न-पत्र होंगे। मुख्य परीक्षा में प्राप्तांक से तैयार स्कोर कार्ड 2-3 साल वैध होगा। यदि कोई अभ्यर्थी अपना स्कोर सुधारना चाहता है तो उसके लिए फिर परीक्षा दे सकेंगे, लेकिन इसके सीमित अवसर होंगे। प्रदेश में अभी सरकार विभागों की जरुरत के हिसाब से अलग-अलग परीक्षाएं कराती है, ये परीक्षा ईएसबी करता है। इस तरह साल भर युवा परीक्षा ही देते रहते हैं, जिनमें शुल्क के रूप में रुपए लगते हैं, समय भी बर्बाद होता है। स्कोर कार्ड की प्रक्रिया को संविदा शिक्षक भर्ती में पहले ही उपयोग लाया जा चुका है।

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