आरोपी मंदसौर की जमींदार कॉलोनी, रामटेकरी में किराए से रह रहा था। इसी दौरान उसने फरियादी के जीएसटी अकाउंट में दर्ज मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी हटाकर अपने नंबर और ई-मेल अपडेट कर दिए, जिससे जीएसटी रिबेट और विभागीय सूचनाएं फरियादी तक नहीं पहुंच सकें।फर्जी बिलों से शासन को भी नुकसान- आरोपी ने फरियादी के जीएसटी अकाउंट का दुरुपयोग करते हुए अन्य फर्मों के फर्जी बिल पास किए, जिससे शासन को लाखों रुपए की राजस्व हानि हुई। इसके बदले आरोपी ने संबंधित फर्मों से कमीशन के रूप में लाखों रुपए प्राप्त किए।मई 2025 में शासकीय भुगतान मिलने के बाद जब जून 2025 में फरियादी ने आय-व्यय का रिटर्न भरने के लिए आरोपी से संपर्क किया, तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। जब फरियादी और उसका बेटा सुनील माली आरोपी के किराए के मकान पर पहुंचे, तो पता चला कि वह 5–6 माह पहले ही मकान खाली कर फरार हो चुका था। बाद में अन्य व्यक्ति से टैक्स कार्य करवाने पर पूरे धोखाधड़ी प्रकरण का खुलासा हुआ।
मैहर से पकड़ा गया मंदसौर टैक्स फ्रॉड का मास्टरमाइंड:टैक्स अकाउंट हाईजैक कर 7 साल में लाखों की हेराफेरी
मंदसौर। कोतवाली थाना पुलिस ने टैक्स धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में शुक्रवार को मैहर जिले के थाना रामनगर क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने जीएसटी और इनकम टैक्स रिटर्न भरने के नाम पर व्यापारी के साथ सुनियोजित तरीके से लाखों रुपए की धोखाधड़ी की, वहीं शासन को भी भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया।दरअसल, 11 जनवरी 2026 को फरियादी प्रभुलाल माली, निवासी रामटेकरी, मंदसौर ने थाना कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई। बताया कि आरोपी नीलेश सिंह वर्ष 2017 से उसके जीएसटी और इनकम टैक्स का कार्य देख रहा था। इससे पहले आरोपी प्रतीक डोसी की कंपनी में कार्यरत था, जहां से फरियादी का उससे परिचय हुआ।