खुसूर-फूसूर
वर्दी ने “ दिशा ” से युवाओं का जीवन संवारा
वक्त पर अगर सही दिशा और मार्गदर्शन मिल जाए तो एकलव्य भी लक्ष्य को प्राप्त कर लेते हैं। वर्दी ने ऐसा ही कुछ कर दिखाया है। वर्दी ही नहीं हमदर्दी के स्लोगन को साकार करते हुए यह किया गया है। वर्दी के इस मार्गदर्शन कार्य से 16 युवाओं को अपना जीवन बेहतर बनाने की दिशा से सफलता मिली है।
उज्जैन की वर्दी की लाइन स्थित दिशा में बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु निरंतर शैक्षणिक मार्गदर्शन एवं अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस लाइब्रेरी में बच्चों को नियमित रूप से पाठ्य सामग्री, संदर्भ पुस्तकें तथा शांत एवं अनुशासित अध्ययन वातावरण प्रदान किया जाता है, जिससे वे अपनी पढ़ाई पर पूर्ण एकाग्रता के साथ तैयारी कर सकें। दिशा की इस पहल ने रंग दिखाया है। इस प्रभावी पहल का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि यहाँ अध्ययनरत 14 विद्यार्थियों का चयन वर्दी के प्रारंभिक पद की भर्ती परीक्षा 2025 (प्रथम चरण) में हुआ है। इसके अतिरिक्त, 2 विद्यार्थियों का चयन छुकछुक गाडी की भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित सहायक लोको पायलट पद हेतु भी हुआ है। वर्दी के कप्तान की पहल पर दिशा से विद्यार्थियों को मार्गदर्शन मिल रहा है। इस उपलब्धि पर कप्तान ने सभी चयनित विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं। यह भी आश्वस्त किया गया कि आगामी चरण में होने वाली शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) की तैयारी हेतु आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा, ताकि सभी विद्यार्थी आगे की चयन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण कर सकें। खुसूर-फुसूर है कि समाज में अगर युवाओं को सही दिशा और समय पर मार्गदर्शन मिल जाए तो उन्हें आगे बढने से कोई नहीं रोक सकता है। समाज में अपराध नियंत्रण की दिशा में यह भी एक ठोस कदम है जिससे युवाओं को सही मार्गदर्शन करना आवश्यक बन पडा है। गैर व्यवसायिक दिशा की अपेक्षा अन्य व्यवसायिक संस्थानों में मात्र फीस से लेना देना रखा जाता है । विद्यार्थियों में अनुशासन एवं नैतिक दायित्वों की स्थिति कमजोर ही होती है। दिशा के विद्यार्थियों ने अनुशासन के साथ नैतिकता भी जमकर सामने आई है । इसी के साथ वर्दी ने समाज सेवा में अपना एक और शानदार कदम बढाया है।