केरल में भाजपा सरकार की नींव पड़ गई:जैसे अहमदाबाद के बाद गुजरात जीता, वैसे तिरुवनंतपुरम से केरल जीतेंगे

तिरुवनंतपुरम।पीएम मोदी ने शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम मेंस्पीच में कहा, ‘केरल में मुझे नई उम्मीद दिख रही है। आपका जोश यह विश्वास दिलाता है कि अब केरल में बदलाव होकर रहेगा। यहां लेफ्टिस्ट इको सिस्टम को मेरी बात गले नहीं उतरेगी। लेकिन मैं आपको मजबूती के साथ तर्क और तथ्य के साथ बताउंगा।’उन्होंने कहा, ‘1987 के पहले गुजरात में बीजेपी एक हाशिए की पार्टी थी। अखबार में दो लाइन नहीं छपती थीं। 1987 में पहली बार अहमदाबाद में नगर निगम में जीत हासिल की, वैसे ही आज बीजेपी ने तिरुवनंतपुरम में हासिल की। यहां से केरल में भाजपा की नींव पड़ गई है।’ केरल में इसी साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं।पीएम मोदी ने केरल के पहले बीजेपी मेयर वीवी राजेश को स्टेज पर गले लगाया और पीठ थपथपाई।मोदी ने तिरुवनंतपुरम को केरल का ‘अहमदाबाद’ कहा-अहमदाबाद से गुजरात जीता- गुजरात राज्य का गठन 1 मई 1960 को हुआ। पहला विधानसभा चुनाव 1962 में हुआ। 35 साल (1960–1995) तक कांग्रेस की सरकार रही। इस दौरान भाजपा राज्य में बड़ी जीत की तलाश में थी। टर्निंग पॉइंट 1987 में अहमदाबाद नगर निगम में जीत से मिला। 1990 में भाजपा ने संयुक्त सरकार (जनता दल + BJP) बनाई। भाजपा ने पांच साल बाद 1995 में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई। तब से लगातार सत्ता में हैं।तिरुवनंतपुरम से केरल में एंट्री की बात कही- पिछले साल 9 दिसंबर को केरल नगर निगम चुनाव के रिजल्ट आए थे। भाजपा ने पहली बार तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 101 वार्डों में से 50 में जीत दर्ज की। यहां पिछले 45 साल से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) का कब्जा था। LDF ने 29 और कांग्रेस गठबंधन (UDF) ने 19 वार्ड जीते थे। केरल के इतिहास में भाजपा का पहली बार मेयर बना। तिरुवनंतपुरम कांग्रेस सांसद शशि थरूर का गढ़ है। गुजरात वाली बात दोहराकर मोदी केरल में एंट्री की बात कह रहे हैं।
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