वन शहीद के परिजनों को 5 साल में भी नहीं मिला सम्मान -उज्जैन निवासी वनरक्षक देवास के पूंजापुरा में शिकारियों ने गोली मारी थी

 

उज्जैन। उज्जैन के गढकालिका रोड जानकी नगर के निवासी वनरक्षक मदनलाल वर्मा 58 वर्ष को 4-5 फरवरी 2021 को पूंजापुरा के जंगलों में शिकारियों ने निडरता के साथ कर्त्तव्य को अंजाम देने के दौरान गोली मार दी थी। तत्कालीन स्थितियों में उन्हें शहीद के समकक्ष दर्जा देने के साथ परिजनों को एक करोड की सम्मान निधि एवं मकान देने की घोषणा पूरे 5 साल बाद भी कागजों तक सिमटी हुई है। सभी अपराधियों को 10-10 साल की सजा न्यायालय दे चुका है।वर्ष 2021 में देवास वनमंडल में पदस्थ वनरक्षक मदनलाल वर्मा के साथ पूंजापुरा रेंज अंतर्गत शिकारियों ने वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आकस्मिक बैठक आहुत करते हुए घोषणा की थी। इन घोषणाओं पर 5 साल बाद भी विभाग एवं शासन अमल नहीं कर सका है। मात्र उनके पुत्र को नौकरी देने का पत्र तत्कालीन वन मंत्री ने उनके घर उज्जैन पहुंचकर दिया था। तत्कालीन देवास डीएफओ पीएन मिश्रा के प्रयासों से मामले में अपराधियों को पकडे जाने एवं उनके विरूद्ध पुख्ता सबूत एवं गवाह पेश किए जाने की स्थिति में न्यायालय ने आरोपियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया था।ये घोषणा की गई थी- घटना के बाद आपात बैठक में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिह चौहान ने देवास जिले में वनरक्षक और ग्वालियर में पुलिस निरीक्षक पर अपराधी तत्वों द्वारा हमले की घटना को दुःखद बताया। श्री चौहान ने कहा था कि देवास में शिकारियों की गोली से मृत वन रक्षक मदनलाल वर्मा को शहीद के समकक्ष दर्जा दिया जाएगा। उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी, एक करोड़ रुपए और एक मकान दिया जाएगा। तत्कालीन प्रमुख सचिव वन अशोक वर्णवाल ने भी वन रक्षक को शहीद के समकक्ष दर्जा मिलने पर उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी, एक करोड़ रुपए और एक मकान दिया जाने की बात कही थी।निडरता से विडियो बनाया-वन मंडल देवास की पुंजापुरा रेंज की बीट रतनपुर के फॉरेस्ट गार्ड मदनलाल वर्मा (58 वर्ष) की लाश 4 एवं 5 फरवरी 2021 की मध्यरात्रि में मिली थी। बाद में जांच में सामने आया था कि गश्त के दौरान शिकारियों ने गार्ड को गोली मारी। गार्ड के मोबाइल की रिकॉर्डिंग चालू होने से उसमें दर्ज वीडियो सामने आने पर पता चला था  कि फॉरस्ट गार्ड बाइक पर था और शिकारियों का पीछा कर रहा था। तभी शिकारियों ने कहा कि गोली मार दे, पीछा नहीं छोड़ रहा। वीडियों में साफ है कि गार्ड ने आखिरी दम तक संघर्ष किया। देवास जिले के उदयनगर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया गया था। फारेस्ट गार्ड का पार्थिव शरीर उज्जैन स्थित जानकीपुरा में उनके घर लाया गया था। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी है।

 

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