लूट के इरादे से हत्या करने वालों को उम्रकैद की सजा

उज्जैन। खेत पर बने कमरे में सोये वृद्ध के साथ लूट के इरादे से हाथ-पैर बांधकर हत्या करने वाले आरोपी को न्यायालय ने 8 साल बाद फैसला सुनाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मीडिया सेल प्रभारी कुलदीपसिंह भदौरिया ने बताया कि 2 जून 2017 को खाचरौद थाना पुलिस ने ग्राम थडोदा में रहने वाले विक्रमसिंह की हत्या का मामला मृतक के पुत्र विरेन्द्रसिंह की शिकायत पर दर्ज किया था। घटनाक्रम के दौरान पुत्र ने बताया था कि वह शासकीय प्राथमिक विद्यालय ग्राम हिपाखेड़ी में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ है। उसके पिता खेत पर बने मकान में रात को सोने जाते थे। घटनावाली रात भी खेत पर गये थे, जब सुबह वापस नहीं लौटते वह खेत पर पहुंचा। मकान पर ताला लगा हुआ था, वापस घर लौटा लेकिन पिता दिखाई नहीं दिये। उनकी तलाश शुरू की गई। इस दौरान मां कमलकुंवर खेत पर पहुंची उसने बंद मकान की दीवार में बने छेद से अंदर झांका, पिता खून से लथपथ हालत में पड़े थे। आसपास के लोगों और गजराजसिंह को बुलाकर दरवाजे का ताला तोड़ा गया। पिता के हाथ-पैर और मुंह बंधा हुआ था। उनकी मौत हो चुकी थी। पिता को मोबाइल गायब था और  भैंस के साथ पाड़ी भी नहीं थी। लूटपाट के इरादे से हुई हतया के मामले में पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की। जिसके आधार पर रतलाम के रावटी थाना क्षेत्र के ग्राम उमरबट्टा में रहने वाले कैलाश पिता मांगू डोडियार को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने लूट के लिये हत्या करना स्वीकार कर लिया। जिसके खिलाफ  धारा 302/34, 394/ 34, 397/34, 450, 201 भादवि के साथ 66 बी आईटी एक्ट का प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया। 8 साल चली सुनवाई के बाद खाचरौद प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीतूकांता वर्मा ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को हत्या, लूट का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा से दंडित किया। आरोपी के खिलाफ 20 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। प्रकरण में       अनुसंधान के दौरान प्रभारी उप निदेशक अभियोजन राजेन्द्र कुमार खाण्डेगर के द्वारा थाना प्रभारी को अनुसंधान में विधिक परामर्श एवं साक्ष्य संकलन का मागदर्शन प्रदान किया। वहीं शासन की ओर से पैरवी सुनील परमार, विशेष लोक अभियोजक द्वारा की गई।

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