इंदौर में अजीबो गरीब हो रहा, संभागायुक्त के फैसलों से सिस्टम पर लग रहा प्रश्नचिह्न
ब्रह्मास्त्र इंदौर
इंदौर में अजीबो गरीब हो रहा है। सरकारी सिस्टम जिला प्रशासन कार्यवाही करता है और संभाग प्रशासन स्थगन देता है। यह हाल सरकारी जमीनों में और यही नहीं भूमाफिया को भी सुन कलेक्टर की कार्यवाही रोकी जा रही है।
यह पहली बार हो रहा है ऐसा क्योंकि अक्सर ऐसे मामलों में जिला प्रशासन के एक्सन को संभागायुक्त कार्यालय सहयोग करता है, जिसमें सरकार को सरकारी जमीन मिल रही हो भूमाफिया को खिलाफ कार्यवाही हो लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। हाल ही में कुछ मामले सामने आए हैं जिसके चलते जिला प्रशासन के उस आदेश पर स्थगन देकर रोक लगा दिया जिसमें सरकार को अरबों रुपए की जमीन मिल रही थी मामला है क्रिश्चियन कालेज,इंदौर की जमीन का यह पर कलेक्टर की ओर से जमीन को सरकारी घोषित किया गया है जिसके लिए हाईकोर्ट कोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन के पक्ष में निर्णय देते हुए सुनवाई नहीं की लेकिन संभागायुक्त कार्यालय ने उसी आदेश पर स्थगन दे दिया। इसी तरह एक भूमाफिया जिसने वर्षों से सैकड़ों लोगों को डायरी पर प्लाट दिए हैं लेकिन प्लाट नहीं है। उसके खिलाफ कार्रवाई के बाद वह संभागायुक्त कार्यालय गया तो वहां से एक आदेश दिया गया की फिर से सुने।
क्या है नियम : दरअसल, नियम है कि अगर सरकार स्तर पर निचले स्तर पर कोई आदेश होता है तो उसके उपर सुनवाई का अधिकार आम व्यक्ति के लिए है, लेकिन यह उस तरह के मामले होते हैं जिसमें आम किसी के साथ गलत हो रहा हो तो स्थगन आदेश दे दिया जाता है। बड़े मामलों में आपसी समन्वय होता है वंही किसी मामले को फिर से सुनने के मामले में एमपीएलआरसी में 2016-17 में संशोधन हुआ है जिसमें कहा गया है कि ऊपरी स्तर पर यदि सुनवाई कर रहे हैं तो सुनें लेकिन यंहा कई मामलों में ऐसा नहीं हुआ है।
इंदौर की घटनाओं पर चुप्पी
ल्ल राजवाड़ा और गोपाल मंदिर जो कि धरोहर घोषित है। गोपाल मंदिर में हुए भोजन के कार्यक्रम को लेकर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की है।
ल्ल इस मामले में संभागायुक्त सुदाम खाड़े को एफआईआर दर्ज कर सम्बन्धित व्यक्ति पर कार्यवाही भी करना थी, परन्तु कई महीने बीत जाने के बाद भी आयोजन करने वालो पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई।
ल्ल आयोजन कर्ता ने नवनिर्माण को हानि पहुंचाने के साथ अंदर कोयले की भट्टियों का भी उपयोग किया था। इस मामले में केवल प्रशासनिक स्तर पर ही कार्यवाही हुई थी।
सरकार की किरकिरी
मिली जानकारी के अनुसार क्रिश्चियन कालेज की जमीन के मामले में सरकार के निर्देश के बाद ही काम हुआ था क्योंकि बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है ऐसे में सरकारी संस्था ही अगर जिला प्रशासन की कार्यवाही पर स्थगन देगा तो सरकार की किरकिरी होगी ही।
राजधानी में भी हलचल
जिला प्रशासन के फैसले पर स्थगन दिए जाने के बाद से सूत्रों का कहना है कि संघ संगठन और सरकार के प्रमुख लोग काफी गुस्सा में है क्योंकि इससे सरकार बैकफुट पर आती है।