महिला की पिटाई का वीडियो वायरल : बीजेपी नेता पर आरोप कांग्रेस ने एफआईआर की मांग उठाई

ब्रह्मास्त्र भोपाल

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक महिला के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में एक व्यक्ति महिला को डंडे से पीटता हुआ दिखाई दे रहा है। आरोप है कि यह व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा नेता संतोष पाठक है। हालांकि इस मामले में अब तक आधिकारिक तौर पर किसी एजेंसी की पुष्टि सामने नहीं आई है और घटना के कारणों का भी खुलासा नहीं हुआ है।

बताया जा रहा है कि यह घटना सीधी जिले के सिहावल विधानसभा क्षेत्र की है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। घटना को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का नारा दिया था, लेकिन बेटियों को बीजेपी नेताओं से बचाने की बात नहीं कही गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सीधी में एक महिला के साथ बीजेपी नेता द्वारा बेरहमी से मारपीट की गई है। पटवारी ने आगे दावा किया कि प्रदेश में बीजेपी नेताओं द्वारा महिलाओं के साथ हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में कुछ लोग महिलाओं के खिलाफ अत्याचार कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं इस तरह की घटनाओं का जवाब राजनीतिक रूप से देंगी।
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी इस मामले में घेरा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास गृह विभाग की जिम्मेदारी भी है और प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस जिम्मेदारी को निभाने में असफल रही है।

पटवारी ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इससे कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।
इस घटना को लेकर अभी तक पुलिस या प्रशासन की ओर से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। अधिकारियों द्वारा वीडियो की सत्यता और घटना की परिस्थितियों की जांच किए जाने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर पुलिस द्वारा मामले की जांच शुरू किए जाने की जानकारी मिल रही है, लेकिन अब तक किसी गिरफ्तारी या आधिकारिक पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि महिलाओं से जुड़ी घटनाएं अक्सर राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन जाती हैं। ऐसे मामलों में विपक्ष सरकार को घेरने का प्रयास करता है जबकि सरकार की ओर से जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया जाता है।

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है कि आरोपों की सच्चाई सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।

 

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