नीमच/उज्जैन । नीमच जिले के मडावदा पंचायत क्षेत्र के रानपुर आंगनबाड़ी केंद्र की स्व सहायता समूह की अध्यक्ष कंचनबाई मेघवाल ने जान देकर आंगनवाडी के 20 बच्चों की जान मधुमक्खियों के हमले में बचा ली। उनकी शहादत को तीन दिन हुए हैं। गुरूवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने उनके लिए ट्वीट किया है। परिवार को 4 लाख आर्थिक सहायता एवं उनके बच्चों की पढाई का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी।मामला सोमवार सुबह के समय का है जब स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष ने अपनी जान पर खेलकर मासूम बच्चों को बचा लिया। इस तरह नीमच जिले की कंचन बाई मेघवाल इंसानियत के प्रति कर्त्तव्य और इसके लिए समर्पण व साहस का उदाहरण बन गई ।मधुमक्खियों के हमले के समय आंगनबाड़ी केंद्र पर करीब 20 से अधिक बच्चे मौजूद थे। केंद्र की सहायिका बाकी बच्चों को लेने गई हुई थी। इसी बीच बच्चों पर बाहर से झुंड के रूप में आईं मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था।कपडे धोने के दौरान ही बचाया-आंगनवाडी के पास में ही स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष 45 वर्षीय कंचन बाई मेघवाल का घर है। वह आंगनबाड़ी केंद्र के पास स्थित हैंडपंप पर कपड़े धो रही थीं। उन्होंने जब बच्चों पर मधुमक्खियों का हमला होते देखा तो वह दरी और कंबल लेकर दौड़ीं और आनन-फानन में सारे बच्चों पर दरी और कंबल से घेरा बनाकर उन्हें सुरक्षित वहां से निकालकर दूर पहुंचाया। लेकिन इस दौरान उन्हें मधुमक्खियों ने जमकर काटा।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले मौत- बच्चों को बचाने के दौरान कंचनबाई को मधुमक्खियों ने अपने क्रोध का शिकार बनाया । इससे कंचनबाई गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस बीच आसपास के ग्रामीण भी एकत्र हो गए। डायल 112 को बुलाकर घायल कंचन बाई को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
मडावदा ग्राम के आंगनबाड़ी के बच्चों को मधुमक्खियों से बचाने के लिए दे दी अपनी जान डेढ दर्जन बच्चों की धाय मां कंचन बाई को मिला सम्मान,मुख्यमंत्री ने X पर ट्वीट किया -परिवार को 4लाख की आर्थिक सहायता,बच्चों के शिक्षण की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी