उज्जैन। पास्को एक्ट मामले में 20 साल की सजा भुगत रहे बंदी की रविवार सुबह केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ में सीने में दर्द उठने के बाद मौत हो गई। उसे जेल स्टॉफ द्वारा जिला अस्पताल चरक भवन भेजा गया, जहां वैधानिक कार्रवाई के बाद शाम को पोस्टमार्टम कराया गया। जेल अधीक्षक मनोज साहू के अनुसार बंदी झांगा उर्फ झांगू पिता बाबू 37 साल निवासी बडलीपाड़ा थाना बदनावर जिला धार का रहने वाला था। उसे बदनावर सब जेल से 16 नवम्बर 2025 को केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ में स्थानांतरित किया गया था। उसे 20 साल की सजा हुई थी, लेकिन 7 माह 17 दिन की सजा ही पूरी हो पाई थी। बंदी की मौत होने पर परिजनों को सूचना दी गई थी। बदनावर से परिजन उज्जैन पहुंचे थे, शाम को शव अंतिम संस्कार के लिये परिजन बदनावर ले गये है।
पंवासा थाना क्षेत्र के मक्सीरोड स्थित शिवमंदिर के पास रहने वाले गगन पिता हेमराज जूनवाल 33 साल ने घर में साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। रात 11.30 बजे मां सुमित्राबाई उसके कमरे में पहुंची तो उसे लटका देखा। परिवार और आसपास के लोगों की मदद से नीचे उतारा और चरक अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। रविवार सुबह पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया, इस दौरान परिजनों ने बताया कि मिस्त्री का काम करता था। रात में घर लौटा था और खाना खाने के बाद कमरे में चला गया था। आशंका जताई जा रही है कि पारिवारिक विवाद या आर्थिक परेशानी के चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया है। पुलिस के अनुसार परिजनों के बयान दर्ज कर जांच शुरू की जायेगी।
केन्द्रीय जेल में पास्को की सजा भुगत रहे बंदी की मौत,फांसी के फंदे पर लटका मिला मिस्त्री