इंदौर में तीन मरीज अब भी आईसीयू में, एक वेंटिलेटर पर

भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 29 मौतें, हाईकोर्ट ने बनाया जांच आयोग

ब्रह्मास्त्र इंदौर

इंदौर के भागीरथपुरा में एक और मरीज की मौत हो गई। इसके बाद दूषित पानी से हुई मौतों की संख्या 29 हो चुकी है। हालांकि, अब भर्ती मरीजों की संख्या सिर्फ 6 रह गई हैं। इनमें से 3 आईसीयू में हैं। एक वेंटिलेटर पर है।

दूसरी ओर, इसी मामले को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में मंगलवार (27 फरवरी) को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में ढाई घंटे से ज्यादा सुनवाई चली। शुरूआत में मुख्य सचिव अनुराग जैन 10 मिनट तक वर्चुअल उपस्थित रहे। इस दौरान 23 मौतों की रिपोर्ट पेश की गई। जिसमें से 16 मौतें दूषित पानी से मानी है। जबकि चार को लेकर असमंजस की स्थिति बताई है। वहीं, तीन की मौत दूषित पानी से नहीं मानी है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि स्वच्छ पेयजल का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा है। यह मामला गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति से जुड़ा है। कोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम की पेश रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर सुरक्षित पानी की आपूर्ति, इलाज और जांच संबंधी निदेर्शों का पूरा पालन नहीं हुआ है। मौतों के आंकड़ों को लेकर भी गंभीर असहमति सामने आई। जहां सरकारी रिपोर्ट में 16 मौतों को जलजनित बीमारी से जोड़ा गया है, वहीं याचिकाकर्ताओं ने मृतकों की संख्या लगभग 30 बताई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग बनाया है। आयोग जल प्रदूषण के कारणों, वास्तविक मौतों की संख्या, बीमारियों की प्रकृति, चिकित्सा व्यवस्था की पर्याप्तता, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही और पीड़ितों को मुआवजे पर रिपोर्ट देगा।

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