डीएवीवी में कापियों का टोटा , देरी से परीक्षाओं का ढर्रा बिगड़ा

 

इंदौर। लोकसभा चुनाव की वजह से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था बुरी तरह बिगड़ गई है। मार्च में शुरू हुई स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं अभी तक खत्म नहीं हुई है। बीए-बीएससी अंतिम वर्ष के पेपर जून दूसरे सप्ताह तक चलेंगे। इसके बाद स्नातक प्रथम व द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं करवाई जाएगी। इसके चलते जुलाई से प्रारंभ होने वाला शिक्षा सत्र प्रभावित होगा। अगली बैच की कक्षाएं अगस्त से पहले लगना संभव नहीं है, क्योंकि प्रथम-द्वितीय वर्ष की परीक्षा देने वाले विद्यार्थी ही अगली कक्षा में जाएंगे।

अप्रैल-मई में होने वाली बीए, बीकॉम, बीएससी सहित अन्य स्नातक प्रथम व द्वितीय वर्ष की परीक्षा का टाइम टेबल नहीं आया है। उत्तर पुस्तिकाओं की कमी के चलते भी विश्वविद्यालय जून तीसरे सप्ताह से परीक्षा करवाने जा रहा है। कॉपियों के लिए विश्वविद्यालय ने एजेंसी तय कर दी है, जो अगले कुछ सप्ताह में इन्हें भिजवाना शुरू कर देगी। करीब 10 लाख मुख्य काॅपियों की आवश्यकता है। इस वजह से भी विश्वविद्यालय ने परीक्षा का टाइम टेबल नहीं निकाला है। दोनों परीक्षाओं में करीब 90 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे।

जल्‍द जारी होगा शेड्यूल
अधिकारियों के मुताबिक स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा के लिए कई सरकारी-निजी कॉलेजों को केंद्र बनाया है। यह परीक्षा खत्म होने के बाद प्रथम व द्वितीय वर्ष के पेपर रखेंगे, क्योंकि इन परीक्षाओं के लिए भी केंद्र बनाना होंगे। वे बताते है कि एनईपी वाले पाठ्यक्रम होने के चलते परीक्षाएं 45-55 दिन चलेंगी। जून-अगस्त के बीच पेपर होंगे। उसके बाद मूल्यांकन के लिए 60 दिन का समय लगेंगा। इसके चलते अक्टूबर से पहले रिजल्ट आना संभव नहीं है। परीक्षाओं का ढर्रा बिगड़ने से अगला शिक्षा सत्र भी देरी से शुरू होगा। परीक्षा विभाग के सहायक कुलसचिव डा. विष्णु मिश्रा का कहना है कि परीक्षा को लेकर जल्द ही शेड्यूल जारी किया जाएगा।

मिलेगा अस्थायी प्रवेश
परीक्षा होने के बाद विद्यार्थियों को अगली कक्षा के लिए प्रवेश नवीनीकरण करना होगा। जैसे प्रथम वर्ष के विद्यार्थी द्वितीय और द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राएं अंतिम वर्ष में प्रवेश लेंगे। रिजल्ट नहीं आने तक इन्हें अस्थायी प्रवेश दिया जाएगा। यह प्रक्रिया अगस्त में शुरू होगी। प्रवेश नवीनीकरण के बाद ही विद्यार्थी अगली कक्षा में बैठ सकेंगे।