लालवानी खर्च करने में निकले कंजूस

 

इंदौर। नामांकन वापसी के आखिरी भाजपा का मुकाबला नोटा और बसपा से हो गया था। शायद इसीलिए भाजपा लोकसभा प्रत्याशी शंकर लालवानी देउस और साढ़े 25 लाख से अधिक मतदाताओं पर केवल 24 लाख रु. खर्च किए।

दिन से याने एक मतदाता पर 1 रुपया भी पूर्ण रूप से खर्च नहीं किया। वह बात अलग है कि साढ़े 25 लाख में से 15 लाख 60 हजार मतदाता ही मत का उपयोग कर सके। वहीं राष्ट्रीय दल में बसपा प्रत्याशी केवल ढाई लाख रु. ही खर्च कर पाए। लालवानी ने 2019 के मुकाबले काफी कम पैसा चुनाव में इस बार खर्च किया। अक्षय बम के नामांकन वापसी करने के बाद लालवानी एक मतदाता पर 1 रु. भी पूरा खर्च किया, चुनाव में कुल 24 लाख रु. किए, बसपा प्रत्याशी तो ढाई लाख नहीं खर्च ही खर्च कर पाए, जबकि बम नामांकन वापसी खर्च कर चुके थे 17 लाख ने खर्चा एकदम कम कर दिया था, लेकिन नोटा का प्रचार ज्यादा होने के बाद लालवानी फिर खर्च के मामले में मैदान में आए थे और भाजपा को भी मोर्चा संभालना पड़ा था।

इस बार लोकसभा चुनाव में लालवानी ने 23 लाख 84 हजार रु. खर्च किए। इंदौर में भाजपा की बड़ी सभा भी नहीं हुई, बड़े नेता भी नहीं आए। केवल मुख्यमंत्री ने प्रचार के अंतिम दिन मध्य क्षेत्र में रोड शो किया था। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान हमेशा कहते थे कि इंदौर उनके सपनों का शहर है, लेकिन वे धी आए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंदौर आकर धार और ग्वालियर की सभा में पहुंचे थे।

इसलिए भी तक इस बार लालवानी का खर्च कम हुआ, जबकि अक्षय बम जब कांग्रेस के प्रत्याशी बनाए गए थे और उन्होंने नामांकन वापस किया था तब तक अक्षय बम ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में 17 लाख रु. खर्च कर दिए थे।