31 मई तक ई-केवायसी कराना जरूरी, नहीं तो बंद हो सकता है गैस कनेक्शन

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सुसनेर। प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना के लिए सुसनेर विकासखंड में पात्र 15 हजार उपभोक्ताओं में करीब 6 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जिनकी बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर सहित अन्य दस्तावेज आधार से लिंक नहीं से है। इसके अलावा 6 हजार अन्य उपभोक्ता भी है जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी नही करवाई है. सुसनेर विकासखंड के कुल 12 हजार उपभोक्ताओं ने काफी समय से ई-केवायसी नहीं कराया है ऐसे में इन उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाले सिलेंडर का लाभ मिलना तो बंद हो ही जाएगा, उनके कनेक्शन भी बंद हो जाएंगे। शासन ने ई-केवाईसी के लिए अन्तिम तारीख 31 मई तय की है। उज्जवला योजना के तहत जो उपभोक्ता है उसमें अधिकांश उपभोक्ता वर्ष 1 से 2 बार ही सिलेंडर भरवाने के लिए आते है। इसके चलते ज्यादा परेशानी है। सिलेंडर का उपयोग ना करने के पीछे मंहगे दामों पर सिलेंडर का मिलना है। बालाजी गैस एजेंसी के संचालक अभिषेक बजाज के अनुसार सुसनेर विकासखंड में 30 हजार उपभोक्ता है। इनमें से 15 हजार परिवार ऐसे हैं जो प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के हितग्राही हैं। जबकि 15 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने गैस एजेंसियों में पैसे देकर गैस, चूल्हा का कनेक्शन लिया है। ऐसे कुल 30 उपभोक्ताओं के पास वर्तमान में गैस कनेक्शन हैं। लेकिन इनमें से कई कनेक्शनधारी ऐसे हैं जिन्होंने कनेक्शन तो ले रखें हैं लेकिन सिलेंडर लेना बंद कर दिया और गैस एजेंसियों पर ई-केवायसी भी नहीं कराया। जबकि शासन द्वारा इन उपभोक्ताओं को 861 का सिलेंडर लेने पर 300 से 350 रुपए की सब्सिडी दी जा रही है।
मोबाइल नंबर पर फोन व एसएमएस से दे रहे सूचना
गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार उनकी एजेंसियों में जो कनेक्शनधारी हैं उनमें से आधे ऐसे हैं जिनके मोबाइल नंबर बदल गए हैं। ऐसे में उन तक सूचना नहीं पहुंचा पा रहे हैं। सुसनेर क्षेत्र में बड़ी संख्या में मजदूर वर्ग के लोग अन्य राज्यों में गए होवें है वे लोग ई-केवाईसी करवाने से शेष रह गए है। एजेंसी संचालक ने दिए गए मोबाइल नंबर पर फोन एवं एसएमएस के माध्यम से सूचना भी पहुंचाई है।

 

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