केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां राजमाता माधवी राजे सिंधिया का निधन, कल होगा अंतिम संस्कार

ब्रह्मास्त्र नई दिल्ली।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां माधवी राजे सिंधिया का निधन हो गया है। वे पिछले तीन महीने से दिल्ली एम्स में भर्ती थीं। उनके निधन से दिल्ली से लेकर मध्य प्रदेश तक शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन से ग्वालियर राजघराने को बड़ी क्षति पहुंची है। वे कुछ समय से वेंटिलेटर पर थीं। उनका यहां सेप्सिस के साथ निमोनिया का इलाज चल रहा था। महल के सूत्रों के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार कल यानी 16 मई को शाम 4 से 5 बजे के आसपास होगा। उनके निधन पर प्रदेश की राजनीति से जुड़े कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया के कार्यालय से कहा गया है, ह्यबड़े दु:ख के साथ ये साझा करना चाहते हैं कि राजमाता साहब नहीं रहीं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की माता व ग्वालियर राज घराने की राजमाता माधवी राजे सिंधिया का इलाज पिछले दो महीनों से दिल्ली के एम्स अस्पताल में चल रहा था। पिछले दो सप्ताह स्थिति बेहद क्रिटिकल थी। आज सुबह 9।28 बजे उन्होंने दिल्ली के एम्स अस्पताल में आखिरी सांस ली। ॐ शान्ति।ह्ण इधर, ग्वालियर में सिंधिया परिवार की छत्री पर अंतिम संस्कार से जुड़ी तैयारी शुरू हो गई है। माधवी राजे के अंतिम संस्कार के लिए यहां चबूतरा तैयार किया जा रहा है। स्व। माधवराव सिंधिया की छत्री के पीछे होगा माधवी राजे का अंतिम संस्कार। बता दें, सिंधिया परिवार के सभी सदस्यों का अंतिम संस्कार कटोरा ताल स्थित छत्री में ही किया जाता है।

 

नेताओं ने व्यक्त किया शोक
उनके निधन पर संस्कृति, पर्यटन धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने ट्वीट कर दु:ख व्यक्त किया है। लोधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ह्यकेंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पूजनीय माताजी माधवी राजे सिंधिया के निधन का दु:खद समाचार मिला। परमात्मा से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को यह दु:ख सहने की शक्ति दें, ॐ शांति शांति!!ह्ण माधवी राजे के निधन पर कांग्रेस नेता अरुण यादव ने जताया शोक। उन्होंने कहा, कांग्रेस के कद्दावर नेता स्व। माधवराव सिंधिया की धर्मपत्नी एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की माता माधवी राजे सिंधिया के निधन का दु:खद समाचार प्राप्त हुआ, ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।