भाजपा में जाने की अटकलों पर लग रही मुहर… कमलनाथ का दिल्ली में कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा

पार्टी महासचिव के सी वेणुगोपाल को सौंपा, सांसद बेटा नकुलनाथ भी है साथ में

नई दिल्ली। एक बड़ी खबर है कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा कांग्रेस के कद्दावर नेता कमलनाथ ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने पार्टी महासचिव केसी वेणु गोपाल को इस्तीफा सौंपा है।
इसके कुछ ही घंटे पहले भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि, “…इंकार करने की बात नहीं है… मैं उत्साहित नहीं हूं… अगर ऐसी कोई बात होगी तो मैं सबसे पहले आपको खबर करूंगा।”
गौरतलब है कि कमलनाथ ने भाजपा में शामिल होने के सवाल को खारिज नही किया है। वह सांसद बेटे नकुल नाथ के साथ दिल्ली पहुंचे हैं। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात होगी तो बताऊंगा। कहा – जो चल रहा है उस से एक्साइटेड नही हूं।”
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के दिल्ली आवास की सुरक्षा बढ़ाई गईं है।

एक्स पर ट्रेंड कर रहा कमलनाथ, नकुलनाथ के सोशल अकाउंट से कांग्रेस ‘गायब’
ध्यान रहे कि विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से मध्य प्रदेश की राजनीति से दूर कमलनाथ एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। राज्यसभा चुनाव में भी उनका नाम चला था, हालांकि उन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया। वहीं, अब अटकलें लगाई जाने लगीकोई है कि कमलनाथ अपने बेटे नकुलनाथ के साथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इस बीच मप्र शासन के पूर्व मंत्री व कमलनाथ के करीबी माने जाने वाले सज्‍जन सिंह वर्मा ने शनिवार दोपहर को अपना एक्‍स हैंडल प्रोफाइल चेंज कर दिया। इसमें भी कांग्रेस का चिन्‍ह नदारद है।
बता दे कि शनिवार को कमलनाथ अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर दिल्‍ली के लिए रवाना भी हो गए हैं, नाथ के दिल्ली दौरे को भी उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलों से जोड़कर ही देखा जा रहा है।

नकुलनाथ के सोशल मीडिया बायो से ‘कांग्रेस’ गायब

इधर, छिंदवाड़ा सांसद नकुलनाथ ने अपने तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स से अपने बायो से कांग्रेस नाम हटा दिया है और फिलहाल उनके नाम के आगे सिर्फ छिंदवाड़ा सांसद लिखा है।

सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहा ‘कमलनाथ’

कमलनाथ के कांग्रेस में शामिल होने की सुगबुगाहट को देखते हुए अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्‍स पर भी कमलनाथ ट्रेंड कर रहा है, जिसमें कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि पिछले दिनों जब कमलनाथ से उनके भाजपा में जाने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया था।

सुमित्रा महाजन ने भाजपा से चुनाव लड़ने का दिया ऑफर

पूर्व लोकसभा स्‍पीकर और पूर्व इंदौर सांसद सुमित्रा महाजन ने पिछले दिनों कमलनाथ को जय सियाराम के नारे के साथ कमलनाथ को भाजपा में आने का आमंत्रण दिया था। उन्होंने कहा था कि यदि विकास पसंद है तो पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

भाजपा ने कहा- दरवाजे खुले हैं

वहीं मीडिया से चर्चा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कमलनाथ के भाजपा में आने के सवाल पर कहा था कि जो लोग भाजपा की विचारधारा के साथ चलने में विश्वास करते हों, उनका हमारी पार्टी स्वागत करती है। ऐसे लोग जिनके मन में कांग्रेस द्वारा रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में न जाने के निर्णय को लेकर पीड़ा है, उनका स्वागत है।
जिन लोगों को लगता है कि हम देश के लिए, समाज के लिए कुछ करना और पॉलिटिकल क्षेत्र में जाकर कुछ करना भाजपा में, प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में कर सकते हैं, हमने अपने दरवाजे इसलिए खोले हैं।

भाजपा ने लिखा ‘जय श्री राम’

इधर, भाजपा प्रवक्‍ता नरेंद्र सलूजा ने अपने एक्‍स हैंडल पर कमलनाथ और नकुलनाथ नाथ की कांग्रेस नेताओं के साथ फोटो शेयर की है, जिसमें उन्‍होंने कैप्‍शन में जय श्री राम लिखा है।

कांग्रेस ने क्‍या कहा

हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पूर्व मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता दिग्विजय सिंह का कहना है कि , ‘कमलनाथ छिंदवाड़ा में हैं। मेरी कल रात उनसे बात हुई है वे छिंदवाड़ा में हैं। जिस व्यक्ति ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत नेहरू-गांधी परिवार के साथ की थी, वे उस समय उनके साथ खड़े थे जब पूरी जनता पार्टी और केंद्र की सरकार इंदिरा गांधी को जेल भेज रही थी। आप उनसे उम्मीद भी कैसे कर सकते हैं कि वे सोनिया गांधी के परिवार को छोड़कर जाएंगे।’

 

दैनिक अवंतिका के ब्रह्मास्त्र ने लगाया था सटीक निशाना

मीडिया को मूर्ख ना समझें

भाजपा से फिक्सिंग की पटकथा तो कमलनाथ इंदौर में 23 सितंबर 2023 को ही लिख चुके थे, जब वे कार्यक्रम में मीडिया पर भड़क गए थे। उन्हें बाहर निकलवा देना और बाउंसरों द्वारा धक्के तक पड़वा देने जैसी घटना को अंजाम दिया गया था। यह अपने आपमें आश्चर्य था , क्योंकि कमलनाथ जैसे अनुभवी नेता विधानसभा चुनाव के ऐन वक्त एक मामूली सी बात पर क्या मीडिया को नाराज करने का खतरा उठा सकते थे ? परंतु उन्होंने ऐसा ही किया। तब इस घटना का विश्लेषण करते हुए दैनिक अवंतिका समूह के सांध्यकालीन समाचार पत्र दैनिक ब्रह्मास्त्र ने इस घटना के ठीक दूसरे दिन 24 सितंबर 2023 को सटीक निशाना लगाया था और स्पष्ट लिखा था कि मीडिया को मूर्ख न समझें। अब जब कमलनाथ का भाजपा में जाना तय हो गया है तो दैनिक ब्रह्मास्त्र की खबर पर भी पूरी तरह मुहर लग गई है। उस वक्त दैनिक ब्रह्मास्त्र ने लिखा था कि हे नाथ! पॉलिटिकल फिक्सिंग की गंध ना फैलाओ। यह सवाल भी उठाया था कि कहीं कमलनाथ की मोदी और शिवराज के साथ कोई खिचड़ी तो नहीं पक रही है। वरना ऐसे अनुभवी नेता चुनावी दौर में मामूली सी बात पर मीडिया से उग्र पंगा नहीं लेते। उन्हें कार्यक्रम स्थल से धक्के मार कर बाहर निकलवाने जैसे कृत्य क्या करते और इस कृत्य को कैलाश विजयवर्गीय तुरंत मीडिया के प्रति सहानुभूति बटोर लेते!