संसद के विशेष सत्र में मोदी का संबोधन- कहा- पुराने संसद भवन को बनाने का फैसला विदेशी शासकों का था लेकिन पसीना, परिश्रम, पैसा देश का लगा

ब्रह्मास्त्र नई दिल्ली

पुरानी संसद में सोमवार को संसद की कार्यवाही का आखिरी दिन है। मंगलवार यानी 19 सितंबर से संसद की कार्यवाही नए संसद भवन में होगी। पीएम मोदी ने इस भवन में अपनी आखिरी स्पीच में कहा, ‘देश 75 वर्षों की संसदीय यात्रा का एक बार फिर से संस्मरण कराने के लिए और नए सदन में जाने के लिए उन प्रेरक पलों को, इतिहास की अहम घड़ी को स्मरण करते हुए आगे बढ़ने का ये अवसर है। हम सब, इस ऐतिहासिक भवन से विदा ले रहे हैं।’
उन्होंने कहा, ‘आजादी के बाद इस भवन को संसद भवन के रूप में पहचान मिली। इस इमारत का निर्माण करने का फैसला विदेशी शासकों का था। हम गर्व से कह सकते हैं कि इस भवन के निर्माण में पसीना और परिश्रम मेरे देशवासियों का लगा था। पैसे भी मेरे देश के लोगों के लगे।’
केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। स्पेशल सत्र में पांच बैठकें होंगी। इस दौरान चार बिल पेश किए जाएंगे। उधर विपक्षी पार्टियों ने सरकार से सवाल-जवाब करने के लिए 9 मुद्दों की लिस्ट तैयार की है। विपक्षी गठबंधन क.ठ.ऊ.क.अ से 24 पार्टियां इस सेशन में हिस्सा लेंगी।

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