एक माह के सूखे के बाद अब पानी ही पानी,24 घंटे में उज्जैन जिला में औसत 6 इंच बारिश

उज्जैन । अगस्त माह में सूखे के बाद सितंबर माह के तीसरे सप्ताह में बारिश के दौर ने उज्जैन में सामान्य जन जीवन को प्रभावित किया है।बीते 24 घंटों के दौरान उज्जैन जिला में औसत करीब 6 इंच बारिश दर्ज की गई है।लगातार जारी बारिश से नदी नालों में उफान आ गया है।निचली बसि्तयों में पानी घुसने से उन्हे खाली करवाया गया है।शिप्रा नदी अपने खतरे के निशान पर पहुंच गई है।छोटी काली सिंध नदी के पास मंदिर में फंसे 3 मजदूरों को पुलिस प्रशासन ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला है।

बुधवार-गुरूवार से रूक रूक कर हो रही बारिश का शुक्रवार को रूख बदल गया। शुक्रवार को देर शाम से तेज बारिश रात भर होती रही। पूरे जिले में बारिश होने से सभी नदी –नाले उफान पर आ गए।शिप्रा गउघाट पाले पर करीब 25 फीट बह रही थी।यहां पाले की उंचाई 16 फीट है उससे 9 फीट उपर शिप्रा का जलस्तर सुबह 10 बजे दर्ज किया गया।सुबह ही शिप्रा चक्रतीर्थ के पास सि्थत बडनगर रोड ब्रिज को लांघ कर ढाई फीट उपर से गुजर गई।दोपहर 1 बजे जल स्तर में कमी आई थी।सुबह से दोपहर तक रूक रूक कर बारिश का दौर जारी था।

जिला में औसत 132 मिमी वर्षा-

बीते 24 घंटों के दरमियान जिले के उज्जैन तहसील में 119 मिमी,घटि्टया में 62.2,खाचरौद 105,नागदा 237 ,बडनगर 208, महिदपुर147,झारडा 141,तराना 83 ,माकडौन में 86 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

संभाग में औसत 01इंच वर्षा-

बीते 24 घंटों के दौरान उज्जैन संभाग के सभी 07 जिलों में बारिश का दौर रहा है।नीमच में सबसे कम 6.3 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है।सर्वाधिक बारिश देवास में 149.66 करीब 6 इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा उजजैन में 132मिमी,शाजापुर में 59.2 मिमी,रतलाम में 131.25,मंदसौर में 54.2 मिमी मीटर बारिश दर्ज की गई है।संभाग में औसत 91.54 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।

 

छोटी काली सिंध के पानी से घिरे 3 मजदूरों को निकाला-

जिले के महिदपुर तहसील के झारडा थाना अंतर्गत सामाकोटा गांव के नजदीक से छोटी काली सिंध नदी का प्रवाह है।यहां डेम निर्माण का प्राथमिक कार्य शुरू हुआ है।एसडीओपी सुनील बरकडे के अनुसार इस निर्माण में कार्य करने के लिए यहां मजदूर आए हुए हैं।नदी किनारे यहां सि्थत शिव मंदिर में रात को मजदूर दिनकर पिता अनिल 22 वर्ष निवासी बिहार,सुमेर पिता कालूसिंह 23 वर्ष निवासी इंदौख थाना झारडा एवं दिनेश पिता मोहन 25 वर्ष निवासी इंदौख सौ गए थे।देर रात इनमे से एक ने उठकर देखा तो नदी का जलस्तर काफी बढ गया था। इसकी सूचना थाना पुलिस को मिली थी।सुबह जिला मुख्यालय से आपदा प्रबंधन की टीम को नोका सहित बुलाकर रेस्क्यू आपरेशन कर करीब डेढ घंटे में तीनों को सुरक्षित रूप से मंदिर से दुसरे किनारे पर लाया गया। तहसीलदार रामलाल मुनिया ने बताया कि छोटी काली सिंध नदी देवास ,शाजापुर से होती हुई इस क्षेत्र में आती है।सामाकोटा में डेम का निर्माण किया जा रहा है।यहां नदी का जलस्तर 15मीटर के करीब रहा है।

पांच वर्ष में जिले में औसत जल स्तर 5.89 मीटर गिरा-

उज्जैन जिला में पिछले पांच वर्ष में औसत जल स्तर 5.89 मीटर पर आ गया है।वर्ष 2019 में भू जल स्तर 2.39 मीटर था जो अगस्त 2023 में 5.89 मीटर दर्ज किया गया है।सहायक भू-जल विद् प्रकाश चौधरी के अनुसार भू-जल सर्वेक्षण वर्ष के जनवरी ,मई , अगस्त, नवंबर माह में 4 बार किया जाता है। अगस्त 2023 में किए गए सर्वे के अनुसार जिले के बडनगर में औसत 6.95,उज्जैन में 6.70,घटि्टया 5.0,महिदपुर 5.60,खाचरौद 4.76,तराना 6.34 मीटर औसत दर्ज किया गया है।

नीलगंगा थाना क्षेत्र की निचली बस्ती में पानी भरा-

एडीएम अनुकुल जैन ने बताया कि शिप्रा में अपरांह को जलस्तर सि्थर हो गया था। बारिश के दौरन पानी और आसपास के नालों के बहाव से नीलगंगा थाना क्षेत्र के एकता नगर ,शांतिनगर एवं आसपास की आधा दर्जन बसि्तयों में पानी भरने की सूचना पर एसडीआरएफ की टीम पहुंची थी।अपरांहन् में यहां के प्रभावित 40 से अधिक मकानों से उनके निवासियों को निकालकर पास के प्रजापत धर्मशाला और माडल स्कूल केंप में पहुंचाया गया है। इसके साथ ही नदी दरवाजा सि्थत एक दर्जन से अधिक मकानों के रहवासियों को प्रशासन ने मोड की धर्मशाला सि्थत केंप में पहुंचाया है।नागदा एवं खाचरौद के कुछ क्षेत्रों में पानी भरने की सूचना पर एसडीआरफ की टीम पहुंची है।

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