आयुष शिक्षक ने पेड़ के नीचे बाहर लगाई ओपीडी, किया मरीजों का इलाज

इंदौर ।  शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय इंदौर के शिक्षकों ने वेतन संशोधन की मांग करते हुए अस्पताल परिसर में पेड़ के नीचे एक अतिरिक्त ओपीडी लगाई। अपनी मांग को लेकर डॉक्टर 14 सितंबर से 19 सितंबर तक अस्पताल के बाहर पेड़ के नीचे ओपीडी लगाएंगे तथा 20 सितंबर को भोपाल में पूरे मध्य प्रदेश के आयुष शिक्षकों का धरना कार्यक्रम रखा गया है उसमें भाग लेंगे। डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया। जहां एक ओर आयुर्वेद एवम अन्य आयुष चिकित्सा सेवाओं को विश्व स्तर पर सराहा जा रहा है, हमारे देश में प्रधानमंत्री के द्वारा आयुर्वेद को स्वदेशी चिकित्सा पद्धति के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के शासकीय आयुष महाविद्यालयों में स्वशासी शिक्षकों के साथ शासन द्वारा घोर उपेक्षा का व्यवहार किया जा रहा है। इनका वेतनमान प्रदेश के अन्य चिकित्सा शिक्षा जैसे पशु चिकित्सा, दंत चिकित्सा आदि महाविद्यालयों के शिक्षकों की तुलना में बहुत कम है।
ज्ञात रहे इन पशु एवं दंत आदि चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रोफेसर को पुनरीक्षित वेतनमान एवम अन्य भत्ते वर्ष 2013 से प्रदान किए जा रहे है। जबकि आयुष शिक्षकों के वेतनमान में कोई संशोधन नही किया है।
अत्यंत विडंबना का विषय है कि देश के अन्य राज्यों जैसे बिहार, छत्तीसगढ़ जो मध्यप्रदेश की तुलना में छोटे एवं पिछड़े राज्य माने जाते हैं, वहां भी आयुष शिक्षकों का वेतनमान हमारे राज्य की तुलना में अधिक है। प्रदेश में आयुर्वेद, होम्योपैथ एवम यूनानी कुल 09 महाविद्यालयों में लगभग 250 शिक्षक कार्यरत हैं। आयुष शिक्षक कई वर्षो से वेतन में संशोधन की मांग कर रहे हैं। कई बार शासन को ज्ञापन दिए जाने के बावजूद शासन की ओर से इस विषय पर अभी तक गंभीरता से विचार नहीं किया गया है, अत: प्रदेश के शासकीय आयुष महाविद्यालयों के शिक्षकों में गहरा असंतोष एवं हताशा का भाव है। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री के द्वारा एलोपैथी चिकित्सकों की सभी मांगों को पूरा कर लिया गया है इसलिए आयुष चिकित्सक भी मांग कर रहे हैं कि समान कार्य समान वेतन की परंपरा को धरातल पर लाया जाए।

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