बड़वानी : युवा योग प्रशिक्षु वर्षा मुजाल्दे ने कहा- योग एवं ध्यान से जुड़कर मिल रही है जीवन को सही दिशा

बड़वानी ।   राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की एक सबसे बड़ी देन यह है कि इसने युवा पीढ़ी को अकादमिक रूप से योग एवं ध्यान विषय को पढ़ने और इसकी बारीकियों को समझने का सुनहरा अवसर दिया है। इन दिनों प्रतिदिन सुबह आठ बजे से तीन सौ से अधिक युवाओं को योग एवं ध्यान को समझते हुए कॉलेज के रूसा हॉल में देखा जा सकता है। मुझे भारत की इस महान विधा से जुड़कर जीवन के लिए सही दशा और दिशा मिल रही है। मैं योग शिक्षिका के रूप में उच्च अध्ययन करके इसी क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाना चाहती हूं।
ये बातें शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा संचालित की जा रही योग की कार्यशाला के संचालन में योगदान दे रही कार्यकर्ता वर्षा मुजाल्दे ने कहीं। यह आयोजन प्राचार्य डॉ. दिनेश वर्मा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
योग के क्षेत्र मे ंकर सकते हैं आप यह पढ़ाई
आयुष मत्रालय, भारत सरकार से सर्टिफाइड योग वालंटियर एवं महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय से योग में एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स करने वाले कॅरियर काउंसलर डॉ. मधुसूदन चौबे ने बताया कि योग के क्षेत्र में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट के स्तरों पर उच्च अध्ययन की व्यापक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
योग विज्ञान विषय में बी.एससी. की जा सकती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में योग एक वोकेशनल कोर्स के रूप में मान्य है।
फाउंडेशन कोर्स के अंतर्गत योग एवं ध्यान का अध्ययन करना कॉलेज में एडमिशन लेने वाले सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है। अनेक विश्वविद्यालयों में योग में एम.ए. करने के अवसर हैं। कई संस्थाओं द्वारा एक वर्षीय सर्टिफिकेट एवं दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध हैं। योग में पीजी करने के बाद योग में पीएच.डी. की जा सकती है। योग विषय से नेट की परीक्षा भी दी जा सकती है।
निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में हैं कॅरियर के अवसर
डॉ. चौबे ने बताया कि योग प्रशिक्षक की मांग सर्वत्र बहुत अधिक है। योग में निपुणता रखने वाले युवाओं के लिए शिक्षा एवं चिकित्सा जगत में रोजगार के अनेक अवसर हैं। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में योग शिक्षक एवं योग के प्रोफेसर के रूप में अच्छा कॅरियर बनाया जा सकता है। योग के निजी ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करके अच्छी आमदनी प्राप्त की जा सकती है। योग से संबंधित पुस्तकों का लेखन भी एक अच्छा क्षेत्र है। आज चिकित्सकों द्वारा रोगियों को दवाई के साथ ही विभिन्न योगासनों को अपनाने की सलाह दी जाती है। ऐसे में योग के जानकारों के लिए कार्य करने के अवसरों की कमी नहीं है।
सर्टिफाइड योग वालंटियर एवं महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय से योग में एक वर्षीय सर्टिफिकेट प्राप्त कार्यकर्ता प्रीति गुलवानिया ने बताया कि कॅरियर सेल के माध्यम से हम युवा विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अध्ययन और कॅरियर के अवसरों की जानकारी दे रहे हैं। सहयोग पूनम कुशवाह, शोभा सोलंकी, सुभाष चौहान ने किया।

Author: Dainik Awantika