April 16, 2024

इंदौर ।  इस वर्ष भी हुकमचंद मिल के 5895 मजदूर और उनके स्वजन का रक्षाबंधन त्यौहार सूना ही रहेगा। मजदूरों को उम्मीद थी कि त्यौहार के पहले सरकार से उन्हें राहत मिल जाएगी लेकिन ऐसा होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही। दरअसल हुकमचंद मिल मामले में 22 अगस्त को सुनवाई होना थी लेकिन न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर के उपलब्ध नहीं होने की वजह से यह प्रकरण सुनवाई की सूची से डिलिस्ट (बाहर) हो गया। अब अगली सुनवाई कब होगी यह स्पष्ट नहीं है। ऐसी स्थिति में मिल के मजदूरों को रक्षाबंधन से पहले राहत मिलना मुश्किल है।
मिल के मजदूर 32 वर्ष से संघर्ष कर रहे हैं। हुकमचंद मिल बंद होने के बाद से वे हर रविवार मिल के मेन गेट पर साप्ताहिक बैठक करते हैं। 20 अगस्त को हुई बैठक में मजदूर नेताओं ने जानकारी दी थी कि अब तक किसी भी सरकारी अधिकारी ने उनसे मजदूरों के मुआवजे के भुगतान को लेकर कोई चर्चा नहीं की है। ऐसे में मजूदरों का भुगतान कैसे और कब होगा यह स्पष्ट नहीं है।