April 20, 2024

बड़वानी ।  उद्यमिता आर्थिक विकास की आधारशिला है। व्यापारिक, व्यावसायिक, औद्योगिक क्रियाओं के माध्यम से देश के प्राकृतिक संसाधनों का समुचित विदोहन, उपभोग योग्य वस्तुओं का बड़ी मात्रा में उत्पादन, आयात में कमी और निर्यात में वृद्धि से भुगतान संतुलन में अनुकूलता लाना, सकल घरेलू उत्पाद, राष्ट्रीय आय, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, रोजगार के अवसरों में वृद्धि, जीवन स्तर में सुधार आदि उद्यमिता से संभव है। उद्यमिता एक जीवन शैली है। यह साहस और नवाचार सिखाती है। ये बातें शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के द्वारा विश्व उद्यमिता दिवस के संदर्भ में आयोजित परिचर्चा में कॅरियर काउंसलर और उद्यमिता विकास विषय के शिक्षक डॉ. मधुसूदन चौबे ने कहीं। यह आयोजन प्राचार्य डॉ. दिनेश वर्मा के मार्गदर्शन में हुआ। इस आयोजन में सहयोग प्रीति गुलवानिया, वर्षा मुजाल्दे, सुरेश कनेश आदि थे।