April 15, 2024

रतलाम ।  ब्याज पर 40 प्रतिशत निर्यात शुल्क के विरोध में रतलाम कृषि उपज मंडी में भी प्याज उत्पादक किसानों और विभिन्न किसान संगठनों ने आंदोलन की शुरूआत करते हुए नीलामी कार्य बंद करा दिया। इस दौरान मंडी में भारी पुलिस फोर्स भी तैनात रहा।
प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्याज पर निर्यात शुल्क 40 प्रतिशत लगाए जाने से प्याज उत्पादक किसान नाराज हो गए हैं। निर्यात शुल्क लगाए जाने से प्याज की कीमतों में 10 से 12 रूपए प्रति किलो की गिरावट आई है। इसके बाद अब रतलाम जिले में प्याज उत्पादक किसान और विभिन्न किसान संगठनों ने मंडियों में नीलामी बंद करवा कर आंदोलन की शुरूआत कर दी है। आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि जब तक प्याज पर से 40 प्रतिशत निर्यात शुल्क का निर्णय वापस नहीं लिया जाता तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
दरअसल सोमवार को प्याज उत्पादक किसानों ने लामबद्ध होकर केंद्र सरकार के निर्णय के विरोध में आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया था। विरोध कर रहे किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा निर्यात शुल्क 40 प्रतिशत किए जाने से प्याज की कीमतों में 10 से 12 रुपए प्रति किलो की कमी आ गई है। जिसकी वजह से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों को 2 दिन पूर्व जहां प्रति क्विंटल प्याज पर 2800 रुपये प्राप्त हो रहे थे। वहीं, निर्यात शुल्क लगाए जाने के बाद दाम घटकर 1600 से 1700 रुपए प्रति क्विंटल ही रह गया है। बढ़ाया गया निर्यात शुल्क 31 दिसंबर 2023 तक लागू रहेगा। इस संबंध में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा राज पत्र भी जारी किया गया है।
नाराज किसानों का कहना है कि सरकार की इस नीति की वजह से प्याज उत्पादक किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। जब तक यह निर्णय वापस नहीं लिया जाता है तब तक प्रदेश भर में किसान चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेंगे। मंगलवार को स्थानीय महू रोड स्थित कृषि उपज मंडी में बड़ी संख्या में प्याज उत्पादक किसान एकत्रित हुए नारेबाजी करते हुए नीलामी कार्य बंद कर दिया।