April 19, 2024

उज्जैन | सेंट्रल जेल भेरूगढ़ का एक प्रहरी आज सुबह कार्यालय परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गया। उसकी मांग है कि गबन के मामले में जेल अधीक्षक को भी आरोपी बनाया जाए।

सेंट्रल जेल भेरूगढ़ में जेल कर्मचारियों के जीपीएफ खाते से करोड़ों रुपए निकाले जाने का मामला उजागर होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है और जांच के दौरान रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अभी तक इस मामले में जेल के बाबू रिपुदमन सिंह का नाम सामने आ रहा था लेकिन कल जांच के दौरान जेल के 2 और प्रहरी धर्मेंद्र लोधी और शैलेंद्र सिकरवार का नाम भी जुड़ गया जो नाम सामने आते ही फरार हो गए। इधर आज सुबह जेल प्रहरी सुरेश मरमट जेल अधीक्षक कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए। उनका कहना था कि इस पूरे घोटाले में जेल अधीक्षक भी दोषी हैं जिनके हस्ताक्षर से रुपए निकाले गए हैं इसलिए उन्हें भी आरोपी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक जेल अधीक्षक को नहीं हटाया जाएगा मैं आमरण अनशन पर बैठा रहूंगा चाहे मेरी जान चली जाए।  हलाकि जेल अधीक्षक उषा राजे का जीपीएफ मामले ने कहना हे की जेल कर्मचारियों के जीपीएफ खाते से गई राशी में जेल कर्मचारियों को शासन द्वारा उनकी हक़ की राशी उन्हें लोटाई जाईगी जेल कर्मचारियों को घबराने की कोई जरुरत  नहीं हे ओर जीपीएफ कांड में जो भी आरोपी हे उन्हें  जल्द  हिरासत में लिया जाएगा और उसपर सख्त कार्यवाही कार्यवाही की जाईगी