April 19, 2024

उज्जैन। कुछ लोगों ने कल 14 जनवरी को ही मकर सक्रांति मना ली ।मकर संक्रांति आज 15 जनवरी को भी मनाई जा रही है। शनिवार रात 8.50 बजे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही संक्रांति संक्रमण काल शुरू हो गया। इससे अगले दिन के सूर्योदय यानी आज से पर्व मनाया जा रहा है। सूर्य के राशि परिवर्तन से उत्तरायण प्रारंभ हो जाता है। यह जून-जुलाई तक रहता है।
मिथुन से जब कर्क में सूर्यदेव प्रवेश करेंगे, तब दक्षिणायण होगा। उत्तरायण से देवकार्य और शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं।
उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में मकर संक्रांति पर्व पर तड़के सुबह 4 बजे भस्मारती के दौरान भगवान महाकाल को तिली से बना उबटन लगाकर गर्म जल से स्नान कराया गया। भांग, सूखे मेवे से श्रृंगार कर नए वस्त्र और आभूषण धारण कराए गए। बाबा महाकाल को तिली से बने पकवानों का भोग लगाकर आरती की।

सांदीपनि आश्रम में श्री कृष्ण का तिल के जल से स्नान

भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम में रविवार को भी मकर संक्रांति मनाई जा रही है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण का तिल युक्त जल से अभिषेक-पूजन हुआ। भगवान को सर्दी के अनुरूप वस्त्र धारण कराए गए। 5 तरह की तिल्ली से बने पकवानों का भोग लगाकर आरती की गई।