April 15, 2024

इंदौर। वार्ड 65 से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरे गोपाल कोडवानी निगम चुनाव लड़ सकेंगे या नहीं, यह आज तय हो सकता है। दरअसल कोडवानी ने नामांकन के साथ जो जाति प्रमाण पत्र संलग्न किया है उसमें उनका नाम गोपाल नहीं बल्कि गोपी लिखा हुआ है। रिटर्निंग अधिकारी ने इस पर आपत्ति लेते हुए नामांकन फार्म निरस्त कर दिया था। कोडवानी ने इसे चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी। सोमवार को इसमें दोनों पक्षों की बहस हुई थी। कोर्ट ने बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। यह फैसला आज मंगलवार को जारी हो सकता है। इसके जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कोडवानी चुनाव लड़ेंगे या नहीं।
याचिका हाई कोर्ट में लंबित होने से वार्ड 65 का चुनाव रोचक हो गया है। कोर्ट के फैसले के इंतजार के बीच प्रत्याशी समझ नहीं पा रहे कि वे क्या करें। प्रचार करें या खुद घर लौट जाएं। कोडवानी ने याचिका में तर्क रखा है कि तहसीलदार द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर उन्होंने पिछले नगर निगम चुनाव में नामांकन पत्र जमा किया था। उस वक्त किसी ने उनके प्रमाण पत्र और नामांकन पत्र में लिखे नाम में आ रहे अंतर पर आपत्ति नहीं ली थी। कोडवानी द्वारा प्रस्तुत स्कूल सर्टिफिकेट में भी उनका गोपी लिखा हुआ है।
शासन ने रखा यह तर्क – इधर शासन की तरफ से तर्क रखा गया कि प्रमाण पत्र होने से यह साबित नहीं हो जाता कि अमूक व्यक्ति वहीं है जिसके नाम का सर्टिफिकेट उसके हाथ में है। स्कूल के प्रमाण पत्र और नामांकन फार्म में लिखे नाम में अंतर आ रहा है तो प्रमाण प्रस्तुत करना होंगे।