चक्रतीर्थ पर विद्युत शवदाह गृह बंद गैस मशीन भी नहीं हुई शुरू

 शव दाह संस्कार में हो रही परेशानियां
दैनिक अवन्तिका उज्जैन
शिप्रा तट स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट पर स्थापित विद्युत शवदाह गृह की मशीन कई दिनों से खराब है। लिहाजा ग्रामीण व शहरी क्षेत्र से विद्युत मशीन में शव का दाह संस्कार करने आने वाले परिजनों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही गैस  मशीन भी शुरू नहीं हो पाई है। कई जनप्रतिनिधियों निगम के अधिकारियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन वह हकीकत में खोखले साबित होते सामने आ रहे हैं।
     कहने को पर्यावरण की सुरक्षा और संवरक्षण के लिए विद्युत शवदाह गृह में शवों का दाह संस्कार करने के लिए जन जागरूकता निगम के द्वारा लाए जाने के लिए विद्युत शव ग्रह को चक्रतीर्थ पर स्थापित किया गया। वहीं  गैस विद्युत शवदाह गृह बनाए जाने के दावे किए गए। लेकिन यह दोनों ही दावे खोखले साबित हो रहे हैं। वजह चक्रतीर्थ पर स्थापित विद्युत शवदाह गृह की मशीन कई दिनों से बंद पड़ी हुई है। पूर्व कोरोना काल मे भी मशीन के प्लेट खराब होने से चक्रतीर्थ पर समस्या आई थी। इसके बाद गैस विद्युत शवदाह ग्रह बनाए जाने की कार्यवाही शुरू हुई। लेकिन वह भी पूर्ण नहीं हो पाई। इन दिनों विद्युत शवदाह गृह की मशीन खराब होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से चक्रतीर्थ पर विद्युत मशीन में शव का दाह संस्कार करने आने वाले परिजनों को समस्याएं हो रही है। जानकारी दी गई कि गरीब परिजन अधिकतर विद्युत शवदाह ग्रह मे दिवंगत  शव का दाह संस्कार करते हैं। वही बड़े पैमाने पर  पर्यावरण की सुरक्षा संवरक्षण के लिए अधिकतर समाज अब विद्युत शवदाह गृह में ही शव का दाह संस्कार कर रहे हैं। इसके साथ ही लावारिस शव का भी दाह संस्कार विद्युत शवदाह गृह में कराया जाता है। लेकिन इसके बावजूद विद्युत शव ग्रह की मशीन को सुधारने के लिए कोई कार्यवाही नहीं होने से समस्याएं बढ़ रही हैं। हालाकी लकड़ी कंडे से अधिकतर समाज शव का दाह संस्कार करते हैं। लेकिन विद्युत मशीन और गैस विद्युत शवदाह ग्रह को सुधारने के लिए निगम के जनप्रतिनिधि बोर्ड एमआईसी सदस्य मंत्री विधायक प्रशासन किसी का भी कोई ध्यान नहीं है। चक्रतीर्थ श्मशान में सुविधाएं बढ़ाई जाने की जहमत भी नहीं उठाई जा रही है। जबकि कोरोना काल में विधुत  शव दाह ग्रह मे आई दिक्कतों के बाद बड़े-बड़े दावे जरूर किए गए थे। हालांकि प्रशासनिक दावे मशीन के सुधार कार्रवाई के बने हुए हैं।