ब्रह्मास्त्र नई दिल्ली
पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब फोर स्टार्स आॅफ डेस्टिनी को लेकर संसद में शुरू हुआ विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं और संसद की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों के बाद यह मामला राहुल बनाम मोदी के सीधे सियासी टकराव में तब्दील हो गया है, जहां एक ओर कांग्रेस चीन और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा इसे संसद की गरिमा और राष्ट्रीय हित से जोड़कर विपक्ष पर हमला बोल रही है।
इस राजनीतिक विवाद की शुरूआत 2 फरवरी को लोकसभा में हुई, जब राहुल गांधी ने सदन में द कारवां मैगजीन के एक लेख का हवाला देते हुए जनरल नरवणे की किताब से जुड़े कथित अंशों का उल्लेख किया। राहुल गांधी का दावा था कि किताब में 2020 के गलवान संघर्ष के बाद की घटनाओं का जिक्र है, जिसमें बताया गया है कि चीनी टैंक भारतीय क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे और इस गंभीर स्थिति में राजनीतिक नेतृत्व की ओर से स्पष्ट निर्देश नहीं मिले। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि उस समय प्रधानमंत्री ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय फैसला सेना प्रमुख पर छोड़ दिया।
राहुल गांधी ने सदन में कहा कि किताब में यह संकेत मिलता है कि सेना प्रमुख को यह कह दिया गया कि जो उचित समझो, वही करो, जिससे यह संदेश गया कि शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व निर्णय लेने से पीछे हट गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला है और संसद में इस पर चर्चा होना जरूरी है। राहुल गांधी ने इस मुद्दे को सिर्फ एक किताब तक सीमित न रखते हुए इसे चीन नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक जवाबदेही से जोड़ दिया।