उज्जैन। सिंहस्थ पूर्व उज्जैन के दताना स्थित वर्तमान हवाई पट्टी अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे का आकार ले सकती है। यहां 4 किलोमीटर लंबा रनवे बनाने का प्रस्ताव है जिस परक बोईंग सी-20 जैसे विमान भी उतर सकेंगे। बकौल कलेक्टर रोशनकुमारसिंह हमारी और से एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया को इसका प्रस्ताव गया है। इसके लिए करीब 400 एकड भूमि का अधिगृहण किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय मापदंड अनुसार एयरपोर्ट का रनवे 4 किलोमीटर का रहेगा।
एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया को भेजे गए प्रशासनिक स्तर के प्रस्ताव ने अगर आकार लिया तो सिंहस्थ से पूर्व उज्जैन में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा आकार लेगा और यहां बडे विमान भी उतर सकेंगे। पूर्व में यहां दताना-मताना हवाई पट्टी को एटीआर-72 जैसे छोटे विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित किया जा रहा था, लेकिन जिला प्रशासन ने इसे और व्यापक रूप देते हुए शासन को संशोधित प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही उज्जैन में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।
सिंहस्थ के लिए होगी बडी सौगात-
सिंहस्थ-2028 में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत प्रशासन इस और तेजी से कदम बढा रहा है। इसके चलते उज्जैन-देवास मार्ग पर स्थित दताना-मताना क्षेत्र में प्रस्तावित एयरपोर्ट को लेकर सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के बीच 1 नवंबर 2025 को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर एमओयू साइन किया गया था। इस समझौते के तहत 45 करोड की प्रारंभिक राशि एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया को दी जा चुकी है। इसके बाद तकनीकी प्रक्रिया शुरू हुई और मिट्टी परीक्षण भी कराया गया। शुरुआती योजना के अनुसार रनवे 1800 मीटर का होना था, लेकिन अब इसे दोगुना कर करीब 4000 मीटर करने का प्रस्ताव है, ताकि बोइंग सी-20 जैसे बड़े विमानों का संचालन संभव हो सके। इसके बनने से उज्जैन की इंदौर पर निर्भरता खत्म होगी और पर्यटन के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
उज्जैन एयरपोर्ट परियोजना –
स्थान : दताना-मताना, उज्जैन-देवास मार्ग
जमीन अधिग्रहण: करीब 400 एकड़रनवे लंबाई : 3600 से 4000मीटरविक्रम उद्योगपुरी को मिलेगा आधार-दताना-मताना हवाई पट्टी को अगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का स्वरूप मिलता है तो ऐसे में विक्रम उद्योगपुरी क्षेत्र और अधिक विकसित होगा और देवासरोड पर विकास की भागीरथी बह निकलने की प्रबल स्थिति बन जाएगी। उद्योगपुरी में बडे औद्योगिक मालिकों एवं अधिकारियों के आवागमन के लिए यह सुविधाजनक तो होगा ही साथ ही भारवाहक विमानों के उतरने में भी आसानी होगी और औद्योगिक क्षेत्र में मशीनों को लाना ले जाने में भी सुविधा हो सकेगी। इसके साथ मालवाहक की भी सहुलियत मिलना आसान होगा।