मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में बैठक कर विक्रमोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का साहस, शौर्य और योगदान भारतीय संस्कृति को मजबूत करता है। नई पीढ़ी को उनके जीवन और कार्यों से जोड़ना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन भव्य हो और अंतरराष्ट्रीय स्तर का नजर आए।विक्रमोत्सव के दौरान उज्जैन में कई तरह के सांस्कृतिक, साहित्यिक और वैचारिक कार्यक्रम होंगे। उत्सव की शुरुआत शिव पूजा और शिवनाद जैसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों से होगी।कार्यक्रमों में नाट्य समारोह, इतिहास और शोध पर संगोष्ठियां, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, वेद अंताक्षरी और संगीत से जुड़े विचार विमर्श शामिल रहेंगे। इन आयोजनों से भारतीय संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।पौराणिक फिल्म महोत्सव भी होगा- लोगों के लिए खास आकर्षण 13 से 17 मार्च तक होने वाला अंतरराष्ट्रीय पौराणिक फिल्म महोत्सव रहेगा। इसमें 20 से ज्यादा देशों की पौराणिक फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे दर्शकों को अलग-अलग संस्कृतियों को समझने का मौका मिलेगा।इसके अलावा विज्ञान, कृषि और लोकसंस्कृति से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे। प्राकृतिक खेती, नरवाई प्रबंधन, दुग्ध उत्पादक पशुओं की प्रतियोगिता और कृषि प्रदर्शनी किसानों और आम लोगों के लिए उपयोगी रहेंगी।
विक्रमोत्सव-2026 में जुटेंगे देश-विदेश के कलाकार:सोनू निगम करेंगे परफॉर्म,
उज्जैन। उज्जैन में विक्रमोत्सव-2026 का आयोजन 15 फरवरी से 19 मार्च तक होगा। इस उत्सव में देश और विदेश के कलाकार भाग लेंगे।