फसल बर्बाद, किसान फंदे पर लटका- क्षेत्रीय विधायक महेश परमार ने 50 लाख मुआवजा की मांग रखी

तहसीलदार बोले सर्वे करवाया, पंचनामा बनवाया, मृतक कृषक की फसल में कोई नुकसानी नहीं

ब्रह्मास्त्र उज्जैन

जिले के कुछ क्षेत्रों में मंगलवार को अपराह्न मावठे की बारिश एवं ओलावृष्टि हुई थी। माकड़ौन के खेड़ा जमुनिया के कृषक पंकज पिता आत्माराम मालवीय 30 वर्ष ने मंगलवार को पूर्वान्ह में सोश्यल मीडिया पर फसल बर्बादी का वीडियो डालकर देर रात अपने खेत पर वृक्ष से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले में क्षेत्रीय विधायक महेश परमार ने किसान के परिजन को 50 लाख मुआवजा की मांग की है। प्रशासन ने किसान की फसल का सर्वे करवाया है जिसमें उसकी फसल ठीक सामने आई है।

माकडौन थाना प्रभारी प्रदीपसिंह राजपूत के अनुसार किसान पंकज मंगलवार रात को घर से खाना खाकर खेत पर गया था। उसके बाद सुबह परिजन मवेशी छोड़ने खेत पर पहुंचे तो उन्होंने उसे पेड़ से लटका देखा। इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस को घटनास्थल से किसी प्रकार का सुसाईड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का माकड़ौन में पोस्टमार्टम करवाया एवं परिजनों के सुपुर्द किया। कृषक का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव खेडा जामुनिया में किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कृषक ने मंगलवार सुबह सोश्यल मिडिया पर फसल बर्बादी का वीडियो डाला था। कृषक की आत्महत्या का कारण अज्ञात है। मर्ग जांच जारी है।
अप्रेल में बहन की शादी करने वाला था- कृषक के परिजनों के अनुसार उसके पिता की कुछ सालों पहले मौत हो चुकी है और उसके पास करीब 8 बीघा जमीन है। उसकी एक बेटी-बेटा था और दो दिन पूर्व उसने बहन की सगाई की थी, जिसकी शादी अप्रैल में किया जाना तय था। उसने अपने समधी को भी कल चर्चा के दौरान फसल की बबार्दी का जिक्र किया था।

ल्ल विधायक ने 50 लाख मुआवजे की मांग रखी-कृषक की मौत की जानकारी लगने पर गांव पहुंचे क्षेत्रीय विधायक एवं कांग्रेस के जिलाध्यक्ष महेश परमार ने कहा दुख की इस घड़ी में हम परिवार के साथ है परिवार ने बताया पंकज के पास लगभग 6 बीघा की खेती है और गेंहू फसल लगाई थी जो पूरी तरह चौपट हो गई। आर्थिक तंगी से पहले ही परेशान था उसने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली फसल बर्बादी कि और देर रात आत्महत्या कर ली। मैंने 50लाख रु मुआवजा परिवार को दिलवाने की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है साथ ही प्रभावित सभी क्षेत्रों में जल्द सर्वे करवाकर किसानो के नुकसान की भरपाई करने को पत्र लिखा है। प्रशासन फसल नुकसानी को मानने को तैयार नहीं है।

ल्ल फसल में कोई नुकसानी नहीं- क्षेत्रीय प्रभारी तहसीलदार नवीनचंद्र कुंभकार का कहना था कि मृतक किसान के खेत पर खडी फसल का सर्वे उन्होंने पटवारी से करवाया है। कृषक के खेत पर गेहूं की फसल खड़ी है जिसमें ऐसा कोई नुकसान सामने नहीं आया है। फसल का वीडियो बनाकर पंचनामा बनाया गया है। क्षेत्र में सभी 120 गांवों में 20-22 में नुकसान हुआ है लेकिन खेडा जामुनिया में ऐसा नुकसान सामने नहीं आया है। क्षेत्र में बारिश हुई थी वह भी मंगलवार अपरांह् में हुई थी मृतक कृषक ने तो पूर्वान्ह से ही सोश्यल मीडिया पर वीडियो डाल दिया था। कृषक की आत्महत्या से फसल का लेना देना नहीं है।

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