प्राइवेट स्कूल एक दिन बंद कर जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी स्कूल की चाबियां

विभिन्न मांगों को लेकर दी आंदोलन की चेतावनी

इंदौर। अशासकीय विद्यालय ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक ओर जहां कलेक्टर को मुख्यमंत्री तक उनकी मांग पहुंचाने का आग्रह किया। वहीं दूसरी ओर सोमवार को सांकेतिक रूप से सभी विद्यालय बंद रखकर स्कूल की चाबियां जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दी। चाबियाँ सौंपने वालों में प्रमुख रूप से एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष गोपाल सोनी, नगर अध्यक्ष अरुण खरात, महासचिव सुबोध शर्मा, विधानसभा क्षेत्र- 2 अध्यक्ष रवि जोशी व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने कलेक्टर तथा जिला शिक्षा अधिकारी के नाम पत्र भी लिखा है। कलेक्टर के नाम लिखे पत्र में कहा गया है कि एमपी बोर्ड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर आपको ज्ञापन दिया गया था। जिस पर संतोषजनक समाधान नहीं निकल पाया। संगठन की निम्नलिखित मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रेषित कर समाधान निकलवाने में सहयोग प्रदान करें। स्कूल एसोसिएशन ने मांग की है कि कोरोना के नियमों का पालन करते हुए सरकार नर्सरी से कक्षा पांचवी तक विद्यालय 2 दिन खोलें, कक्षा छठवीं से आठवीं तक अल्टरनेट डे विद्यालय खोले एवं कक्षा नवमी से कक्षा बारहवीं तक नियमित कक्षा संचालन के निर्देश जारी करें। आरटीई फीस प्रतिपूर्ति की राशि वर्ष 2016-17 से वर्ष 2020 -21 तक संस्था के खाते में जमा की जाए। कक्षा पहली से आठवीं तक जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा एवं कक्षा नौवीं से बारहवीं तक लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा बिना निरीक्षण परीक्षण के नवीनीकरण मान्यताएं 5 वर्ष के लिए जारी की जाए। लॉकडाउन में बंद पड़े विद्यालयों से लिए जाने वाले बिजली बिल , संपत्ति कर एवं कचरा प्रबंधन शुल्क को संपूर्ण 2 वर्ष के लिए माफ किया जाए। विद्यालय संचालन के लिए संचालकों द्वारा लिए गए बैंक लोन के कृत्य की राशि विद्यालय खुलने तक नहीं लिए जाने हेतु सरकार बैंकों को निर्देश जारी करें। विद्यालयों को आर्थिक पैकेज के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। स्कूल इंस्टिट्यूशन एक्ट के तहत स्टाफ से अभद्र व्यवहार करने वाले पालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। एसोसिएशन ने कहा है कि सरकार यदि इन बिंदुओं पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो उस स्थिति में विद्यालय संगठन भविष्य में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

प्राइवेट स्कूल वाली खबर के साथ हड़ताल वापस पर सरकार से असहयोग जारी रहेगा

स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश सचिव बाबू थॉमस एवं सोपास के प्रदेश अध्यक्ष आशीष चटर्जी ने सभी संगठनों की ओर से संयुक्त रूप से बयान जारी किया। बयान के मुताबिक जब तक सरकार ट्यूशन फीस का आदेश वापस नहीं लेती और 9वीं से 12वीं के स्कूल खोल नहीं देती, तब तक असहयोग जारी रहेगा। सरकार को कोई टैक्स नहीं देंगे। ट्यूशन फीस जमा नहीं करने वाले अभिभावकों को लेट फीस देना होगा। किसी भी सरकारी वॉट‌्सऐप ग्रुप में नहीं जुड़ेंगे।

इनका कहना है-

अभी फीस वृद्धि पर रोक लगाई हुई है। मान्यता को लेकर भी कुछ समस्याएं हैं। सभी की अपनी-अपनी समस्याएं हैं। बच्चों की भी समस्या है। अभिभावकों की भी समस्या है। स्कूल संचालकों की भी समस्याएं हैं। मेरा कहना है कि भागने से कुछ नहीं होगा। मिलबैठ कर बात करेंगे तो कोई न कोई हल तो निकलेगा।
– रविंद्र सिंह , जिला शिक्षा अधिकारी इंदौर

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