राष्ट्रीय कवि प्रदीप जी की जयंती नगर में गौरव दिवस के रूप में मनाई

बड़नगर। नगर में राष्ट्रीय कवि पंडित रामचंद्र द्विवेदी कवि प्रदीपजी की जयंती एवं गौरव दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायी, भावनात्मक और ऐतिहासिक पहल देखने को मिली। इस संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन एवं कवि प्रदीपजी की तस्वीरें भेंट कर उन्हें सम्मानपूर्वक स्थापित करने का कार्य वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद इंजी. विजयंत सिंह गोसर द्वारा अपनी व्यक्तिगत पहल, संकल्प एवं व्यवस्था से संपन्न कराया गया। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि कवि प्रदीप जी की तस्वीरें भी उनकी व्यवस्था से तैयार करवाई गईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय कवि प्रदीप जी के पैतृक निवास से किया गया। उनके निवास पर पहुँचकर वर्तमान में वहाँ निवासरत पुरोहित परिवार को कवि प्रदीप जी का चित्र सम्मानपूर्वक भेंट किया गया। पैतृक निवास से कार्यक्रम की शुरूआत होने से यह आयोजन भावनात्मक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया।
इसके पश्चात शनिवार दोपहर 2:00 बजे नगर के विभिन्न प्रमुख शासकीय कार्यालयों जिसमें विद्युत विभाग कार्यालय, पुलिस थाना, शासकीय अस्पताल, शासकीय कन्या विद्यालय, शासकीय बालक विद्यालय, बी.ओ./बी.आर.सी. कार्यालय, जनपद पंचायत कार्यालय, शासकीय महाविद्यालय एवं नगर पालिका परिषद में कवि प्रदीप जी की तस्वीरें भेंट कर उन्हें सम्मानपूर्वक स्थापित किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय कवि प्रदीप जी ने अपनी ओजस्वी और राष्ट्रप्रेरक लेखनी के माध्यम से देशभक्ति, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक जागरण को नई दिशा दी। उनके गीतों ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्रनिर्माण के प्रत्येक दौर में जन-जन के हृदय में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की। वे केवल बड़नगर ही नहीं, बल्कि समूचे राष्ट्र का गौरव हैं।
कार्यक्रम में नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से नगर पालिका उपाध्यक्ष अनीता सतीश वर्मा, पार्षद अजय दोराया, बहादुर बादशाह, तरुण आचार्य, कुशल गेहलोत, मधुसूदन भारद्वाज, प्रभात पुरानिया, गुलरेज मंसूरी, गुलशन खटोड़, शैलेंद्र सिंह सिसोदिया, रईस निजामी, राजकुमार पुरोहित, श्याम गुर्जर, हेमंत परमार, कुणाल राठौड़, संतोष बगेरवाल, राजेश कायस्थ एवं अमजद पटेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान यह मांग भी प्रमुखता से रखी गई कि बड़नगर में राष्ट्रकवि कवि प्रदीप जी के नाम से एक संग्रहालय (म्यूजियम) का निर्माण किया जाए, जिसमें उनकी रचनाएँ, जीवन संघर्ष एवं राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान को संरक्षित किया जा सके, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनसे प्रेरणा ले सकें। नगर की ओर से राष्ट्रकवि कवि प्रदीप जी को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।

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