नवीन औद्योगिक क्षेत्र भेरू डूंगरी को लेकर शाजापुर लघु उद्योग भारती ने एमपीआइडीसी की कार्यपद्धति पर सवाल उठाए छोटे उद्योगों को भूखंड की बजाय बडे को प्राथमिकता,रेट भी बढाए

 

शाजापुर/ उज्जैन।

शाजापुर नगर से करीब 5 किलोमीटर दूर एबी रोड पर भेरू डूंगरी औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है। इसमें छोटे उद्योगों को प्राथमिकता की बजाय मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम बडे उद्योगों को तरजीह देने की निती पर काम कर रहा है।छोटे की बजाय यहां बडे भूखंड रखे जा रहे हैं दर भी बडा दी गई है। इससे छोटे उद्योगों को जमीन लेने में ही परेशानी आ रही है। इससे लोकल फार वोकल की मंशा दरकिनार की जा रही है। लद्यु एवं कुटीर उद्योगों  को प्रोत्साहन की बजाय उन्हें हताश किया जा रहा है। एमपीआईडीसी के अधिकृत सूत्रों के अनुसार सभी कार्य शासन निती एवं नियमों के अनुसार अंजाम दिए गए हैं।

नवीन औद्योगिक क्षेत्र भेरू डूंगरी को लेकर लघु उद्योग भारती ने औद्योगिक विकास निगम उज्जैन  की कार्य पद्धति पर सवाल खडे किए हैं। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं शाजापुर के स्थापत्य अध्यक्ष रहे दिनेश तिवारी के अनुसार  इस जमीन को हमने खोजा एवं सर्वे करवाया था। इसके बाद जमीन जिला उद्योग केंद्र को दी गई थी जो कि अब उज्जैन औघोगिक विकास निगम के पास है। 115 बीघा जमीन का विकास करने के बाद यहां 130-140 रूपए प्रति वर्गफीट की दर कर दी गई है। यहीं नहीं छोटे उद्योगों के लिए छोटे भूखंड नहीं रखे गए हैं। सीधे बडे उद्योगों के मान से ही 10 हजार वर्ग फीट से ज्यादा के ही भूखंड रखे जा रहे हैं। निगम ने अन्य जिलों में 3 से 10 हजार वर्गफीट के भूखंड रखे हैं फिर यहां ऐसा क्यों किया जा रहा है। दुसरे जिलों में दर 70-80 रूपए रखी गई जबकि यहां करीब दोगूनी दर रखी जा रही है।

मांगे नहीं मानी तो संघ आंदोलन करेगा-

श्री तिवारी के अनुसार भूखंडों की दरें 130 रुपया स्क्वायर फिट है उसे कम करके 80 रुपए स्क्वायर फीट की जावे। भूखंड आवंटन की प्रक्रिया में स्थानीय युवा उद्यमियों को प्रथम प्राथमिकता दी जावे, शासन की योजनाओं में पहले आओ पहले पाओ की नीति लागू की जावे। शाजापुर क्षेत्र के युवा नवीन उद्यमियों ने अपने-अपने प्रस्ताव बनाकर एमपीआईडीसी को उद्योगों के उत्पादन की 290 की सूची एक वर्ष पूर्व लिखित में एवं ऑनलाइन प्रस्तुत कर दी गई थी, जिसमें 3,5, 8 और 10 हजार स्क्वायर फीट के भूखंडों की मांग की गई थी । इसके तहत 12 हजार रोजगार मध्यप्रदेश इंडस्टरीज डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने वर्तमान नक्शे में सिर्फ 10 हजार स्क्वायर फीट से अधिक के भूखंडों शासन ने प्रस्तावित किए हैं जो कि अनुचित होकर न्याय संगत नहीं है। भूखंडों का आकार 3-8 हजार वर्ग फीट में किया जाए । अगर जल्द ही ऐसा नहीं किया गया तो शाजापुर के साथ लघु उद्योग भारती संगठन को आंदोलन की तैयारी करना होगी,उसमें धरना,प्रदर्शन किया जाएगा।

पर्याप्त पानी नहीं –

श्री तिवारी के अनुसार शासन से संघ ने 18 करोड का प्रोजेक्ट स्वीकृत करवाया था उसके बाद मक्सी में पानी पूर्ति होने लगी । वर्तमान में यह भी अपर्याप्त स्थिति हो रही है। ऐसे में भेरू डूंगरी में पानी की व्यवस्था की जावे, शासन प्रशासन की मंशा है कि स्थानीय स्तर पर उद्योग स्थापित हो और छोटे-छोटे कुटीर उद्योगों को प्राथमिकता दी जावे पर ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा है।

विधायक को ज्ञापन-

श्री तिवारी के अनुसार पिछले दिनों स्थानीय रेस्ट हाउस पर विधायक भीमावद का शाल एवं श्रीफल से लघु उद्योग भारती के समस्त पदाधिकारी ने स्वागत करते हुए उन्हें सभी समस्याओं से अवगत करवाते हुए ज्ञापन दिया गया है। विधायक ने आश्वासन दिया शासन प्रशासन स्तर पर जो भी हो सकता है उसका शीघ्र निराकरण करने का प्रयास करूंगा।

शासन निती एवं नियमानुसार काम-

एमपीआईडीसी की कार्यपद्धति पर उठे सवालों को लेकर क्षेत्रीय कार्यपालिक अधिकारी राजेश राठौर का कहना है कि भेरू डूंगरी औद्योगिक क्षेत्र विकास शासन निती एवं नियमानुसार काम है। पानी एनवीडीए से पर्याप्त मिलना तय है। उसके लिए क्षेत्र में पानी की खपत बढने पर यह संभव होगा। यह मामला संभाग स्तरीय बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव के समक्ष रखा जा चुका है। दर को लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। शासन ने वर्तमान दर को न्यूनतम ही माना है। छोटे प्लाट की स्थिति में शासन निती अनुसार 33 प्रतिशत खुला क्षेत्र छोडा जाना है ऐसे में छोटे उद्योगों के पास कार्य के लिए पर्याप्त जमीन ही नहीं बचेगी। इसके चलते 5 हजार वर्ग फीट से शुरूआत की गई है। संघ के सार्थक पहल पर 26 जनवरी उपरांत शाजापुर में बैठक रखकर वहां के उद्योगपतियों से चर्चा की जाकर संपूर्ण जानकारी दी जाएगी।

 

 

Share:

संबंधित समाचार

Leave a Comment