उज्जैन। महाकाल थाना क्षेत्र के बेगमबाग में रहने वाला शाहरूख उर्फ चकमक पिता रशीद अपराधिक प्रवृति का बदमाश है। कुछ माह पहले उसकी अपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लागने के लिये महाकाल थाना पुलिस ने जिलाबदर की कार्रवाई का प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय भेजा था। जहां से बदमाश को जिले की सीमा से बाहर भेजने के आदेश जारी किये गये थे। बदमाश को पुलिस ने जिले की सीमा से बाहर कर दिया था, लेकिन कुछ दिन बाद ही वह वापस शहर में आया और चिमनगंज थाना क्षेत्र स्थित विराटनगर स्थित घर में छुपकर रहने लगा। रविवार रात चिमनगंज थाना पुलिस को जिलाबदर बदमाश के विराटनगर में दिखाई देने की खबर मिली तो पुलिस ने दबिश दी। उसे घर से हिरासत में लिया गया। प्रधान आरक्षक सतीश यादव ने बताया कि जिलाबदर अवधि के दौरान शहरी सीमा में पाये जाने पर बदमाश के लिये म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14, 15 का प्रकरण दर्ज किया गया है। जिसे सोमवार न्यायालय में पेश कर केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ भेजा गया है।
। बड़नगर तहसील के कसाई चौक में शाकीर पिता सकुर खां निवासी विश्वकर्मा पथ दुकान का संचालन करता है। उसकी दुकान के सामने शाबीर खां निवासी कसाई चौक ने बस खड़ी कर दी थी। बस हटाने की बात पर दोनों में विवाद हो गया। शाकीर ने अपने साथियों के साथ शाबीर खां के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। वहीं शाबीर ने भी शाकीर के साथ मारपीट कर धमकी दी। मामला थाने पहुंचने पर पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया है। मारपीट के क्रास प्रकरण का एक मामला राघवी थाना क्षेत्र के ग्राम घौंसला में हुआ। जहां मुशरान पिता अब्दुल मजीद और नारायणसिंह सौंधिया के बीच गाली-गलौच नहीं करने की बात पर थप्पड-मुक्के चल गये। पुलिस मामले में तत्काल संज्ञान लिया और दोनों को हिरासत में ले लिया।
दुकान के सामने से बस हटाने के विवाद में चले लात-घूंसे,हिरासत में आया जिलाबदर बदमाश