सारंगपुर। सारंगपुर में इस सीजन की पहली बारिश मंगलवार शाम को गरज-चमक के साथ हुई। बारिश करीब 30 मिनट तक जारी रही, विकासखंड के कुछेक गांव में बारिश के दौरान छोटे ओले गिरने की खबर है। हालांकि, ओलों का आकार छोटा था और वे कुछ ही समय के लिए बरसे। तेज हवाओं के कारण क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बिजली गुल हो गई। बताया जा रहा है कि बारिश और ओलों का असर मुख्य रूप से लीमाचौहान क्षेत्र में देखा गया, जबकि आसपास के ग्रामीण इलाकों में इसका प्रभाव नहीं रहा। इस बारिश से कुछेक खेत में नुकसान की खबर है। बरुखेड़ी के किसान शाकिर मंसूरी ने बताया कि उनके करीब 10 बीघा से ज्यादा रकबे में खड़ी गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई। कांकरिया में भी इसी तरह कुछ खेतो में नुकसान नजर आया है। एसएडीओ राजेश राजपूत ने बताया कि वर्तमान में कुछ खेतो को छोड दे तो नुकसान नहीं हुआ है। फिर भी यथास्थिति को जानने के लिए हमारे कृषि विस्तार अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर आंकलन कर रहे हैं। वहीं जिन किसानों को सिंचाई के लिए पानी की जरुरत थी इस बारिश से उन किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि यह सीजन की पहली बारिश है, जिससे फसलों को काफी फायदा होगा। विशेषकर उन किसानों को लाभ मिलेगा जो अपनी गेहूं की फसल में सिंचाई कर रहे थे। बुधवार सुबह बारिश के कारण शहर में कोहरा छाया रहा और ठंडी हवाएं चलने से सर्दी बढ गई। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और ट्रफ लाइन के कारण मौसम में यह बदलाव आया है। जम्मू-कश्मीर में हुई बर्फबारी के प्रभाव से बफीर्ली हवाओं के कारण घना कोहरा और तेज ठंड पडी। इसके बाद आसमान में बादल छा गए, जिससे दिन और रात के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। वर्तमान में सारंगपुर का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी बादल छाए रहने, धुंध पडने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इसके साथ ही, जिले में और बारिश होने की भी संभावना बनी हुई है।
कानड़
नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र में मंगलवार दोपहर बाद अचानक तेज हवा के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों के चहरे पर चिंता की लकीरें लादी। मौसम में सुबह से आए बदलाव के बाद दोपहर 4 बजे बारिश का दौर शुरू हुआ देखते ही देखते बोर के आकार के ओले गिरने लगे। कानड क्षेत्र के गांव चान्दनगांव नापाखेड़ा सनावदा सनावदी बटावदा कलमोई चाचाखेड़ी खजुरी सहित करीब 1 दर्जन गांव में औलावृष्टी हुई है। इस औलादूटी के कारण ग्रामीणों कि गेहूं कि फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं खेतो में खड़े संतरों के पेड़ से भी संतरे टूट कर निचे मिर गए। किसानों ने बताया कि खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को बहुत नुकसान पहुंचा है वही संतरे के पौधों से संतरा फल भी गिर गया किसानों ने बताया कि ओले गिरने से लसन ओर प्याज की फसल को भी नुकसान पहुंचा है इन फसलों में फूल आने लग गए थे जो खत्म हो गये।
तेज हवा के साथ हुई ओलावृष्टि ने बढ़ाई किसानों की चिंता, संतरा और गेहूं की फसल में नुकसान की संभावना