दावोस।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ लगाने से पीछे हट गए हैं। ये टैरिफ 1 फरवरी से लगने वाले थे। ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि उन्होंने दावोस में NATO चीफ जनरल मार्क रुट के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया।ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी NATO चीफ के साथ ग्रीनलैंड को लेकर होने वाले समझौते की बुनियादी बातें तय हो गई हैं। अगर यह समझौता पूरा होता है, तो यह अमेरिका और NATO के सभी देशों के लिए फायदेमंद होगा।ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका, NATO और दूसरे देश मिलकर पूरे आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा पर काम करेंगे, जिसमें ग्रीनलैंड भी शामिल रहेगा। हांलांकि ट्रम्प ने इस समझौते की पूरी जानकारी देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मामला थोड़ा मुश्किल है और इसकी पूरी जानकारी बाद में दी जाएगी।ग्रीनलैंड डील का फ्रेमवर्क क्या है-ट्रम्प और NATO के बीच ग्रीनलैंड फ्रेमवर्क के तहत कई बिंदुओं पर सहमति बनी है। इसके तहत ग्रीनलैंड और पूरे आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा NATO और अमेरिका मिलकर करेंगे। ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा कि यह डील जल्द सार्वजनिक की जाएगी।डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका को ग्रीनलैंड में कुछ सीमित इलाकों में अपने सैन्य ठिकाने बनाने की अनुमति मिलेगी।इन ठिकानों का इस्तेमाल जमीन, समुद्र और हवा तीनों मोर्चों पर निगरानी और रक्षा के लिए होगा। इसके साथ ही NATO, अमेरिका के प्रस्तावित ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम में भी सहयोग करेगा।फ्रेमवर्क में यह भी शामिल है कि ग्रीनलैंड के खनिज संसाधनों पर अमेरिका के साथ साझेदारी होगी। रूस और चीन को इस इलाके में आर्थिक या सैन्य पकड़ बनाने से रोका जाएगा।
ट्रम्प का यू-टर्न, यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ नहीं लगाएंगे:ग्रीनलैंड समझौते पर NATO चीफ के साथ बातचीत की