उज्जैन। वैसे तो शहर में जाम की समस्या हमेशा ही रहती है। लेकिन फ्रीगंज तीन बत्ती चौराहे पर जाम की समस्या से लोगों को मुश्किलें झेलनी पड़ी रही है। स्थिति यह रहती है कि तीन पत्ती चौराहे पर लंबी वाहनों की कतार लगी रहती है सड़क पर खड़े वाहनों की वजह से हमेशा यातायात व्यवस्था बिगडी रहती है। इधर पार्किंंग की व्यवस्था नहीं होने,यातायात विभाग की नरमी और वाहन चालकों की मनमानी के कारण यातायात व्यवस्था ऐसी बिगड़ती है कि, देर शाम तक इस चौराहे पर जाम की स्थिति रहती है। वाहन चालकों की मनमानी के चलते दिनभर हर दस मिनट पर जाम लगता रहता है। बुधवार को इधर टैफिक इस कदर बिगड़ा कि, लोग परेशान थे, कहां से निकले,कैसे और कहां से चले।
पार्किंग न होने से गड़बड़ाई व्यवस्था
पार्किंग के लिए शहर के बाजार में जगह निर्धारित नहीं होने से लोग कही भी अपने दो पहिया एवं चार पहिया वाहन खड़ा कर देते हैं। ज्यादातर लोग सड़क से सटाकर ही अपना वाहन खड़ाकर देते हैं, जिसके कारण फ्रीगंज क्षेत्र के अधिकतर मुख्य मार्गो की यातायात व्यवस्था अक्सर लडख़ड़ा जाती है।
मुख्य मार्ग पर जाम जैसी स्थिति निर्मित हो रही
फ्रीगंज, शहीद पार्क और तीन बत्ती चौराहे से लेकर सिंधी कॉलोनी तक के बिगड़ी रहती है है। फ्रीगंज से शहीद पार्क के इतने बड़े मार्केट में एक भी पार्किंग नहीं होने से सड़क और सड़क का किनारा ही पार्किंग बन गया है। जिससे जाम लग रहा है। इस ओर स्थानीय प्रशासन एवं यातायात पुलिस का कोई ध्यान नहीं है। साथ ही आवागमन बाधित करने वालों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। सड़क तक दुकानें फैली हैं, दुकान से सटकर गाडिय़ों की पार्किंग की जा रही है। ऐसे में सिंगल सड़क पर दो तरफा वाहनों के आवागमन से जाम लग रहा है।
चौराहों-तिराहों पर नहीं कोई देखने वाला
शहर के सभी प्रमुख चौराहों और तिराहों पर वाहन चालकों की मनमानी रोकने और उन्हें टोकने वाला कोई नहीं है। लोग कही से कैसे भी वाहन घुसा दे रहे हैं। जिससे चौक-चौराहों पर अक्सर जाम लग रहा है। शहर में कुछ चोराहों पर ट्रैफिक सिग्नल चालू है, बाकी सिग्नल कुछ दिन काम करते हैं और खराब हो जाते हैं। पहले निकलने की होड़ में दोपहिया और चार पहिया वाहन चालक कही से भी गाड़ी आगे बढ़ा देते हैं,जिससे वाहनों का काफिला आमने-समाने आ जाता है और जाम की स्थिति बन जाती है। चौराहे-तिराहे पर जाम की स्थिति किसी एक जगह नहीं, बल्कि पूरे शहर में है। सड़क पर पार्क गाडिय़ों को हटाने के लिए यातायात पुलिस को क्रेन दी गई थी,लेकिन शहर में न तो ट्रै्फिक कर्मचारी और न ये मशीन कभी कार्रवाई करते नजर आते हैं।
नहीं हो रहा नियमों का पालन
शहर के लोग यातायात नियमों के पालन को तब्जजों नहीं दे रहे हैं। चाहे सड़क पर चलने की बात हो या वाहन पार्किंग की, हर जगह नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। जल्दी निकलने के फेर में लोग खुद ही जाम लगा बैठते हैं, ऐसे में न वो खुद जल्दी निकल पा रहे,न दूसरे। दोपहिया वाहन चालक वाहन चलाते समय चार पहिया वाहनों के सामने या बगल से कभी भी गाड़ी निकाल देते हैं। ऐसे में दुर्घटना और विवाद हो जाते हैं। लेकिन फिर भी लोग ट्रै्फिक नियम को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। हैरत की बात ये है कि इसका खामियाजा भी उन्हें ही भुगतना पड़ रहा है। फिर भी कोई भी ट्रै्फिक नियम को लेकर गंभीर नहीं है।